Mukesh Ambani did not take salary for the third consecutive year: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने लगातार तीसरे साल कोई सैलरी नहीं ली है। कोविड महामारी के चलते जब अर्थव्यवस्था और बिजनेस प्रभावित हो रहे थे, तब कंपनी हित में मुकेश अंबानी ने स्वेच्छा से अपना वेतन लेना बंद कर दिया था। रिलायंस की वार्षिक रिपोर्ट में बताया गाय है कि वित्त वर्ष 2022-23 में मुकेश अंबानी का वेतन शून्य रहा है। वहीं वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी अभी भी देश में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाली कंपनी बनी हुई है। इसके अलावा कंपनी ने भारी पैमाने पर नौकरियां भी दी हैं।
विगत 3 वर्षों में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर की भूमिका के लिए मुकेश अंबानी ने वेतन के अलावा किसी भी प्रकार के भत्ते, अनुलाभ, सेवानिवृत्ति लाभ, कमीशन या स्टॉक ऑप्शनंस का लाभ भी नहीं लिया।

रिलायंस की 46वीं सालाना आम बैठक (AGM) से पहले कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी पिछले तीन सालों में सरकारी खजाने में 5 लाख 653 करोड़ रुपये जमा कराए हैं। यह रकम प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष टैक्स, स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क व अन्य मदों में जमा कराए गए हैं। वित्त वर्ष 2022-23 में रिलायंस ने 1.77 लाख करोड़ चुकाए हैं।
पिछले तीन वर्षों में रिलायंस की तरफ से चुकाया गया पैसा कितना अधिक है, इसका अंदाजा इस बात से लगता है कि भारत सरकार के कुल बजटीय व्यय का यह 5 प्रतिशत से भी अधिक है। इससे पिछले वित्त वर्ष में भी रिलायंस ने 1.88 लाख रुपये का योगदान सरकारी खजाने में किया था।
नौकरियां देने में भी रिलायंस नंबर वन पर रही। वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2022-23 में रिलायंस ने 95,167 नई नौकरियां सृजित की, इन्हें मिलाकर रिलायंस में कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर 3.89 लाख हो गई है। इनमें से 2.45 लाख से अधिक कर्मचारियों के साथ रिलायंस रिटेल का नाम देश के सबसे बड़े नियोक्ताओं में शामिल हो गया है। रिलायंस जियों में 95 हजार से अधिक लोग काम कर रहे हैं। यह लगातार तीसरा वर्ष है जब रिलायंस ने हजारों नई नौकरियां सृजित की हैं। यहां तक की कोविड के दौर में भी कंपनी ने 75 हजार नई नौकरियां निकाली थी।


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