नई दिल्ली, अप्रैल 24। अनिल अंबानी की रिलायंस कैपिटल 22 अप्रैल को गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) के लिए ब्याज भुगतान करने में एक बार फिर से विफल रही है। इस बात की जानकारी खुद कंपनी की तरफ से स्टॉक एक्सचेंजों को दी गयी है। हालांकि खुलासे में इस बात का जिक्र नहीं किया गया है कि डिफॉल्ट की मात्रा कितनी है। यानी कंपनी कितना ब्याज देने में चूकी है। कंपनी ने दिसंबर तिमाही (वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही) के वित्तीय नतीजों के आंकड़े जब पेश किए थे, तब यह भी बताया था कि इसके 14,827 करोड़ रु के एनसीडी लिस्टेड हैं।

क्यों हुई चूक
रिलायंस कैपिटल की तरफ से कारण बताया गया है कि कानूनी अड़चनों के कारण ये अपनी संपत्तियां नहीं बेच पाईं, जिसके कारण इसके पास पैसों का इंतजाम नहीं हो पाया और नतीजे में ये बॉन्डधारकों को पेमेंट नहीं कर सकी। रिलायंस कैपिटल एचडीएफसी और एक्सिस बैंक को जो किस्त चुकाई जानी थी ये उसमें भी 12 बार असफल रही है। बात दें कि ये किस्तें जनवरी 2020 से लेकर मार्च 2021 तक की हैं। रिलांयस कैपिटल एचडीएफसी को हर महीने की 4.77 करोड़ रुपये की किश्त और एक्सिस बैंक को 71 लाख रुपये की किश्त चुकानी है, जिसमें यह लगातार नाकामयाब रही है।
कितना है कंपनी पर कर्ज
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रिलायंस कैपिटल पर 711 करोड़ रुपये का कर्ज है। मगर कंपनी पर कुल बकाया 20,643 करोड़ रुपये का है। रिलायंस कैपिटल लगाता घाटे में रही है।


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