नई दिल्ली, अप्रैल 23। एक तरफ दुनिया रूस से क्रूड ऑयल के विषय में बहस में लगी हुई थी, वहीं दूसरी तरफ रिलायंस ने वह काम कर दिखाया कि अब उसकी झोली भरने वाली है। दरअसल इस बार रिलायंस ने एक बड़ा ही बहादुरी का काम किया है। इसके चलते चालू तिमाही में रिलायंस को अपनी रिफायनरी मार्जिन बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी। आइये जानते हैं कि रिलायंस ने ऐसा क्या किया है।
खरीदा रूस से तेल
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के सबसे बड़े ऑयल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स की संचालक रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने फरवरी में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से कम से कम 1.5 करोड़ बैरल रूसी तेल का ऑर्डर दिया है। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस ने जून तिमाही में हर महीने औसतन 50 लाख बैरल तेल खरीदा है।
पहले नहीं खरीदा रूस से तेल
यूक्रेन युद्ध से पहले रिलायंस सहित बाकी भारतीय रिफाइनर उच्च माल ढुलाई लागत के कारण शायद ही कभी रूसी तेल खरीदते थे। लेकिन यूक्रेन पर आक्रमण (जिसे मॉस्को एक "विशेष अभियान" कहता है) के बाद से रूस के खिलाफ पश्चिमी प्रतिबंधों ने कई तेल आयातकों को मॉस्को के साथ व्यापार से दूर रहने के लिए प्रेरित किया है। इससे रूस अपने कच्चे तेल की कीमतों पर रिकॉर्ड छूट देने के लिए मजबूर हुआ है।
खूब खरीद रहे तेल
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता है। सस्ता तेल मिला तो भारतीय रिफाइनर ने सस्ते तेल में काफी रुचि दिखाई, क्योंकि तेल की ऊंची कीमतें भारत को बुरी तरह प्रभावित करती हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत अपनी रोजाना की 50 लाख बैरल तेल जरूरतों का करीब 85 फीसदी आयात करता है।
इस बंदरगाह पर आएगा तेल
नई दिल्ली ने यूक्रेन में तत्काल युद्धविराम का आह्वान किया है, मगर स्पष्ट रूप से मॉस्को की कार्रवाइयों की निंदा नहीं की है। भारत ने आक्रमण पर संयुक्त राष्ट्र के कई प्रस्तावों पर मतदान से भी परहेज किया है। रिफाइनिटिव के टैंकर फ्लो डेटा के अनुसार 5 अप्रैल से 9 मई के बीच पश्चिमी भारत में रिलायंस द्वारा संचालित सिक्का बंदरगाह पर लगभग 8 मिलियन बैरल रूसी तेल (मुख्य रूप से यूराल) की सप्लाई होगी।
किस आधार पर खरीद रही तेल
रिलायंस को रूसी तेल में से अधिकांश बैरल की आपूर्ति रूसी व्यापारी लिटास्को द्वारा की जाएगी। ट्रेडर्स के अनुसार रिलायंस रूसी तेल डिलीवरी के आधार पर खरीद रही है। रिफाइनिटिव डेटा से पता चलता है कि रिलायंस को मई की शुरुआत में रूस के ईएसपीओ तेल का पहला पार्सल प्राप्त होने वाला है। यह ग्रेड ज्यादातर चीन को सप्लाई किया जाता है। अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस पश्चिमी भारत के जामनगर परिसर में दो रिफाइनरियों का संचालन करती है जो प्रतिदिन लगभग 1.4 मिलियन बैरल प्रति दिन (बीपीडी) तेल को प्रोसेस कर सकती है।
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