नई दिल्ली। रिलायंस कंपनी के मालिक मुकेश अंबानी ने कुछ समय पहले अपने निवेशकों से कंपनी को 31 मार्च 2021 तक कर्ज मुक्त बनाने का वादा किया था। लेकिन उन्होंने यह वादा इससे बहुत पहले ही पूरा कर दिया है। रिलायंस एक तरह से कर्ज मुक्त हो गई है। कंपनी ने पिछले 58 दिनों में 1,68,818 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिससे उसे यह लक्ष्य हासिल करने में मदद मिली है। इस दौरान कंपनी ने अपने जियो में विदेशी निवशकों से 1 लाख करोड़ रुपये ज्यादा जुटाया है, वहीं रिलायंस के राइट इश्यू से भी हजारों करोड़ रुपये जुटाए गए।

इस तरह जुटाया गया पैसा
रिलायंस के एक बयान के अनसार उसने 58 दिनों में जियो प्लेटफॉर्म में हुए विदेशी निवेश के जरिए 115,693.95 करोड़ रुपये जुटाए है। वहीं 53,124.20 करोड़ रुपये राइट्स इश्यू के जरिए जुटाए गए है। इसके अलावा पेट्रो-रिटेल संयुक्त कारोबार से भी पैसे जुटाए गए हैं। यह संयुक्त करोाबर बीपी के साथ है। इस प्रकार रिलायंस ने इस दौरान करीब कुल फंड रेजिंग कर 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। रिलायंस के ऊपर 31 मार्च 2020 तक 161,035 करोड़ रुपये का कर्ज था। लेकिन इस पैसों को जुटा लेने के बाद अब कंपनी नेट-डेट फ्री कंपनी बन गई है।
इन लोगों ने किया जियो में निवेश
रिलायंस ने जियो प्लेटफॉर्म में 24.7 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री के जरिए 115,693.95 करोड़ रुपये जुटाए हैं। जियो प्लेटफॉर्म में निवेश का यह क्रम 22 अप्रैल को फेसबुक के निवेश से शुरू हुआ था। फेसबुक ने जियो प्लेटफॉर्म में 9.99 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 43,574 करोड़ रुपये का निवेश किया है। उसके बाद से जियो प्लेटफॉर्म में जनरल इलेक्ट्रिक, सिलवर लेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, केकेआर, मुबाडला इनवेस्टमेंट कंपनी, एडीआईए, टीपीजी, और एल कैटरटन ने जियो प्लेटफॉर्म में निवेश किया है।
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