नई दिल्ली, अगस्त 18। जमीन कहीं पर भी हो उसका रजिस्ट्रेशन कराना बहुत अहम है। मगर जमीन को रजिस्टर्ड कराके लिए एक मोटी भी चाहिए। ये राशि आपकी प्रॉपर्टी की कुल वैल्यू के 5-7 प्रतिशत तक हो सकती हैं। अगर आप 50 लाख रुपये की संपत्ति रजिस्टर करने जा रहे हैं, तो आपको लाखों रु चाहिए होंगे। मगर कुछ आसान ट्रिक्स से आप काफी पैसा बचा सकते हैं। आगे जानिए इन तरीकों के बारे में।
रजिस्ट्री पर खर्च
घर खरीदने का जो बजट होता है, उसका बड़ा हिस्सा रजिस्ट्री पर खर्च होता है। मगर यदि आप हमारे बताए हुए पॉइंट्स पर अमल करें तो काफी पैसे बचा सकते हैं। इस पैसे का इस्तेमाल आप किसी और काम में कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के दौरान पैसे बचाने के वो 3 तरीके क्या हैं।
मार्केट वैल्यू पर रजिस्ट्री
आम तौर पर सर्किल रेट ज्यादा हो तो प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू कम रहती है। यदि आप मार्केट वैल्यू पर कम स्टांप शुल्क का भुगतान करें तो उच्च सर्किल रेट पर स्टांप शुल्क भी अधिक लगेगा। ऐसे में, यदि रजिस्ट्रार या सब-रजिस्ट्रार से अपील की जाए तो स्टांप ड्यूटी पर बचत संभव है। स्टेट स्टाम्प एक्ट के तहत ये प्रावधान है। यदि रजिस्ट्रार से मार्केट वैल्यू पर स्टांप शुल्क वसूलने की गुहार लगाई जाए तो सेल डीड रजिस्ट्रेशन पूरा होने तक पेंडिंग रहेगाी।
जो जमीन विभाजित न हुई हो उसकी रजिस्ट्री
भविष्य में निर्माण वाली या निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए अविभाजित भूमि रजिस्ट्री कराई जा सकती है। इस स्थिति में, खरीदार और बिल्डर के बीच दो समझौते होते हैं, जिनमें बिक्री और निर्माण समझौता शामिल है। बिक्री समझौता संपत्ति के अविभाजित हिस्से के लिए होगा। असल में अविभाजित भूमि खरीदना सस्ता पड़ेगा। क्योंकि तैयार क्षेत्र के लिए कोई रजिस्ट्रेशन चार्ज नहीं होगा।
महिलाओं को छूट
यदि कोई महिला अकेले या किसी के साथ मिल कर संपत्ति खरीदे तो कुछ राज्य ऐसे हैं, जिनमें स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क में छूट मिलेगी। इन राज्यों में हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। दिल्ली में पुरुष के नाम पर रजिस्ट्रेश है तो उसे 6 फीसदी और महिला के नाम पर है तो उसे 4 फीसदी रजिस्ट्री फीस देनी होगी।
इन बातों का रखें ध्यान
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के समय यह पुष्टि करने के लिए एक वकील से परामर्श करें कि विक्रेता या डेवलपर द्वारा प्रदान किए गए संपत्ति दस्तावेज वास्तविक हैं। यह महत्वपूर्ण है ताकि आपको ऐसे दस्तावेज़ न मिलें जो अस्पष्ट हैं या आपके नाम पर सटीक रूप से ट्रांसफर नहीं हुए हैं। अपने नाम पर किसी विशेष संपत्ति को रजिस्टर करने से पहले, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि संपत्ति के संबंध में सभी मौजूदा दस्तावेज स्पष्ट और साफ हैं। डेवलपर या विक्रेता की विश्वसनीयता की जांच करना भी एक अच्छा विचार है। भविष्य में किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए सावधानी बेहद जरूरी है। संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों के अलावा, आपको यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि आप पहचान प्रमाण की प्रतियां और पैन कार्ड, आधार और साथ ही पासपोर्ट फोटो ले जा रहे हैं।
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