मुंबई। कोरोना महामारी के चलते जहां मार्च में देश का शेयर बाजार गोत लगा रहा था, तभी देश का स्मार्ट इंवेस्टर इसमें अपने लिए मौका देख रहा था। यही कारण है कि जब शेयर बाजार में भयानक बिकवाली चल रही थी, उस वक्त इक्विटी म्यूचुअल फंड का निवेशक अपना निवेश बढ़ाने में लगा था। यह निवेश इतना बढ़ा कि सारे रिकॉर्ड ही टूट गए। इक्विटी म्यूचुअल फंड में कई कैटेगरी हैं, और आंकड़ों के अनुसार सभी में निवेश बढ़ा है। म्यूचुअल फंड से जुड़े यह आंकड़े एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड ऑफ इंडिया यानी ऐम्फी ने जारी किए हैं। आइये जानते हैं क्या कह रहे हैं यह आंकड़े।
म्यूचुअल फंड में ये है मार्च का रिकॉर्ड निवेश का आंकड़ा
पिछले वित्त वर्ष के आखिरी महीने यानी मार्च में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में 11,485 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। यह बीते वर्ष के किसी भी महीने में हुआ रिकॉर्ड निवेश है। यह सब तब हुआ जब कोविड-19 से फैली महामारी को लेकर बढ़ी आर्थिक चिंताओं के बीच देश-विदेश के शेयर बाजारों में उथल-पुथल मची थी। ऐम्फी की तरफ से जारी आंकड़ों के अनूसार म्यूचुअल फंड में मार्च में सभी सेगमेंट से 2.13 लाख करोड़ रुपये का नेट आउटफ्लो हुआ। इसकी वजह लिक्विड या मनी मार्केट स्कीमों से बड़े पैमाने पर हुई निकासी थी। हालांकि उससे पिछले महीने यानी फरवरी में कुल 1,985 करोड़ रुपये का आउटफ्लो हुआ था।
इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीमों 11,485 करोड़ रुपये का निवेश आया
एम्फी के मुताबिक मार्च में इक्विटी और इक्विटी लिंक्ड ओपन एंडेड स्कीमों में 11,723 करोड़ रुपये का इनफ्लो आया। वहीं क्लोज एंडेड फंड से 238 करोड़ रुपये की निकासी हुई। इस तरह पिछले महीने इक्विटी MF स्कीमों 11,485 करोड़ रुपये का नेट इनफ्लो रहा, जो फरवरी के 10,760 करोड़ रुपये के नेट इनफ्लो से भी काफी ज्यादा है। यह मार्च 2019 के बाद सबसे ज्यादा मंथली इक्विटी इनफ्लो रहा, जब इन स्कीमों में नेट बेसिस पर 11,756 करोड़ रुपये का निवेश आया था।
मार्च में सेंसेक्स में आई 23 फीसदी की गिरावट
कोविड-19 के चलते फैली महामारी से ग्लोबल इकनॉमिक स्लोडाउन का असर गहराने के डर से भारत सहित दुनियाभर के शेयर बाजारों में बिकवाली हुई है। बीएसई के सेंसेक्स में मार्च में करीब 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
ये है स्मार्ट निवेशकों की पहल
मार्च 2020 में कमोबेश सभी इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड कैटिगरी में नेट इनफ्लो हुआ था। मल्टीकैप फंड्स में 2,268 करोड़, लार्ज कैप में 2,060 करोड़, इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (टैक्स सेविंग स्कीम) में 1,551 करोड़ और मिड कैप स्कीमों में 1,233 करोड़ रुपये का इनफ्लो हुआ था। जानकारों के अनुसार निवेशकों का फोकस मल्टी कैप कैटिगरी पर बना हुआ है, क्योंकि इससे उन्हें इक्विटी मार्केट के तीनों सेगमेंट-लार्ज, मिड और स्मॉल कैप में एक्सपोजर मिलता है। इनका मकसद एक फंड के जरिए तीनों मार्केट सेगमेंट में बनने वाले मौकों का फायदा उठाना होता है।
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