Recession: क्या अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी के कगार पर है? यहां मंदी का मतलब लगातार दो तिमाहियों में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में कमी आना है. अमेरिका में मंदी को लेकर SBI रिसर्च ने एक रिपोर्ट जारी किया है, जिसमें लॉन्ग टर्म में अमेरिकी GDP ग्रोथ में गिरावट की ट्रेंड पर फोकस किया गया है. इसके लिए अहम ट्रिगर ट्रम्प की टैरिफ पॉलिसी, खर्च और नौकरियों में कटौती को हैं.
रिपोर्ट में जारी किया गया अलर्ट
SBI रिसर्च ने रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि DOGE जैसे विभागों का उत्साही मिशन पिछले दशकों में किए गए बहुत से जमीनी कामों को खत्म कर सकता है, जिससे संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है. बता दें कि टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के नेतृत्व में सरकारी दक्षता विभाग (DOGE) राष्ट्रपति ट्रम्प की एक पहल है.
अमेरिकी इकोनॉमिक इंडिकेटर्स
एसबीआई के मुताबिक अमेरिकी GDP ग्रोथ के एनलिसिस से पता चलता है कि साल 2000 के बाद से इसमें गिरावट आई है. इकोनॉमिक इंडिकेटर्स संभावित जीडीपी में कमी, कमजोर मांग और निवेश पैटर्न का संकेत देते हैं. जीडीपी ग्रोथ रेट 2023 की चौथी तिमाही में 3.2% से गिरकर 2024 की चौथी तिमाही में 2.5% हो गई है.
नेशनल डेट का बढ़ता स्तर अहम है, जिससे प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी कम हो रही है. टैरिफ से जुड़ी मौजूदा ट्रेड पॉलिसीज जीडीपी में पर्याप्त सुधार के बिना तत्काल चुनौतियां पेश करती हैं. एसबीआई का कहना है कि डेट-टू-GDP रेश्यो में लगातार ग्रोथ के ट्रेंड दिखाई देते हैं.

कोविड के बाद अमेरिका की इकोनॉमिक ग्रोथ ब्रॉडर पॉलिसीज नीतिगत उपायों के कारण असाधारण प्रतीत होती है. हालांकि, डीटेल्ड एनलिसिस से पता चलता है कि निर्यात और खपत में कमी के साथ संभावित गिरावट हो सकती है. अनुमानित समग्र जीडीपी मंदी के साथ उपभोक्ता व्यय प्रवृत्तियों के कमजोर होने की उम्मीद है.
कंज्युमर स्पेंडिंग और शेयर बाजार के रुझान
बचत-जीडीपी अनुपात 2011 के बाद से अपने निम्नतम स्तर पर पहुंच गया है, जो 1951 के बाद से दूसरा सबसे निम्नतम आंकड़ा है. जनवरी में उपभोक्ता खर्च में लगभग दो सालों में पहली गिरावट देखी गई, जबकि टैरिफ से बचने के लिए आयात में तेजी लाने वाले व्यवसायों के कारण वस्तु ट्रेड डेफिसिट अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गया.
एसएंडपी 500 ने नवंबर के चुनावों के बाद की बढ़त खो दी है, मार्च 2025 को कोविड-19 के बाद सबसे खराब मासिक प्रदर्शन के रूप में पेश किया गया है. असाधारण रिटर्न देने के बाद बाजार अपनी सीमा तक पहुँच गया है, निवेशक लगातार अस्थिरता के बीच आय पूर्वानुमानों का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं.
अमेरिकी इकोनॉमी के लिए लॉन्ग टर्म आउटलुक
एसबीआई की रिपोर्ट बताती है कि सकारात्मक संरचनात्मक समायोजन जीडीपी के रुझान को बढ़ा सकते हैं. उत्पादकता में मामूली सुधार के बावजूद बढ़ी हुई राष्ट्रीय बचत संभावित जीडीपी को बढ़ा सकती है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि हाई डेट ने समय के साथ अमेरिकी डॉलर की मजबूती को नहीं दर्शाया है, लेकिन चक्रीय रुझान दिखाता है. मौजूदा टैरिफ नीतियों से जीडीपी में भौतिक तेजी के बिना शॉर्ट टर्म पेनफुल होगा. यदि संरचनात्मक समायोजन गति पकड़ते हैं, तो संभावित जीडीपी रुझान ऊपर की ओर बढ़ सकते हैं.
अमेरिका में मंदी को लेकर SBI रिसर्च की रिपोर्ट से जुड़े 5 सवालों के जवाब...
सवाल-1: क्या अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ रही है?
जवाब-1: एसबीआई रिसर्च की हालिया रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि दीर्घकालिक अमेरिकी जीडीपी वृद्धि में गिरावट का रुझान दिख रहा है, जिससे संभावित मंदी की चिंता बढ़ गई है.
सवाल-2: ट्रम्प के टैरिफ उपायों का अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
जवाब-2: अर्थशास्त्री ट्रम्प के व्यापार संघर्ष को अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक संभावित खतरा मानते हैं, जिसके परिणामस्वरूप उपभोक्ता लागत में वृद्धि, आर्थिक विकास में कमी, तथा रोजगार के अवसरों में कमी हो सकती है.
सवाल-3: COVID-19 महामारी ने अमेरिकी आर्थिक विकास को कैसे प्रभावित किया है?
जवाब-3: एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, कोविड के बाद अमेरिकी अर्थव्यवस्था में उछाल व्यापक नीतिगत उपायों के कारण असाधारण हो सकता है, और दीर्घकालिक रुझान संभावित मंदी का संकेत देते हैं.
सवाल-4: जीडीपी वृद्धि के बारे में एसबीआई की रिपोर्ट क्या कहती है?
जवाब-4: एसबीआई की रिपोर्ट से पता चलता है कि 2000 के बाद से अमेरिकी जीडीपी वृद्धि में गिरावट आई है, जो 2023 की चौथी तिमाही में 3.2% से घटकर 2024 की चौथी तिमाही में 2.5% हो जाएगी.
सवाल-5: अमेरिका में राष्ट्रीय ऋण स्तर के संबंध में क्या चिंताएं हैं?
जवाब-5: राष्ट्रीय ऋण का स्तर बढ़ना महत्वपूर्ण हो गया है, जिसके परिणामस्वरूप निजी क्षेत्र की भागीदारी कम हो गई है और अनुमान है कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के प्रदर्शन में पर्याप्त सुधार के बिना भी इससे चुनौतियां पैदा होंगी.


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