नई दिल्ली, अगस्त 13। भारत में जैसे-जैसे ज्यादातर महिलाएं आर्थिक रूप से सेल्फ इंडिपेंडेंट हो रही हैं वैसे ही इन्वेस्टमेंट में भी उनका हिस्सा तेज गति से बढ़ रहा है। परांपरागत तौर पर अगर बात करें तो महिलाए सोने में निवेश करना अधिक पसंद करती हैं। लेकिन, आज के निवेश के चलन की बात करें तो आज कई सारे अन्य विकल्प भी मौजूद हैं। इसमें बॉन्ड्स, म्यूचुअल फंड और रियल एस्टेट में इन्वेस्टमेंट भी शामिल है। आमतौर पर, महिलाएं रियल एस्टेट में निवेश पर ध्यान नहीं देती हैं, लेकिन इसमें बदलाव देखने को मिल रहा है और वर्तमान में रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट में महिलायें भी रुचि दिखा रही हैं। चलिए आज हम आपको बताते है कि महिलाओं को सोने के बजाए रियल एस्टेट में क्यों इन्वेस्ट करना चाहिए।
फायदे और शानदार रिटर्न
सोना इन्वेस्ट का एक बेहतर विकल्प है, इसे शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट के रूप में देखा जाता है। दूसरा रियल एस्टेट एक स्थिर इन्वेस्टमेंट है। जो लंबे समय के बाद रिटर्न देता है। शेयर बाजार की तुलना में रियल एस्टेट एक बेहतर रिटर्न प्रदान करता है।
टैक्स बेनिफिट
रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट मरम्मत, मूल्यह्रास, बंधक भुगतान और कानूनी सेवाओं के मामले में कटौती के रूप में टैक्स बेनिफिट के लिए जगह प्रदान करता है। जबकि सोना पूंजीगत लाभ कर को आकर्षित करेगा। गोल्ड डिपॉजिट सर्टिफिकेट में जमा करने पर टैक्स में पूरी तरह छूट है।
पुरुषो की तुलना में महिलाओं को बैंक कम ब्याज दर में लोन ऑफर करता है
ज्यादा महिला रियल एस्टेट निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए बहुत तरह की पहल बैंको ने शुरू की है। बहुत से बैंक पुरुषो की तुलना में महिला खरीदारों को होम लोन पर कम ब्याज दरों की पेशकश करते हैं। यह तक कि महिला के नाम पर सरकार ने किसी भी तरह की संपत्ति के पंजीयन पर स्टांप शुल्क में छूट देती है।


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