Repo Rate : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर स्थिर रखने का फैसला किया है। केंद्रीय बैंक के इस फैसले का रियल एस्टेट क्षेत्र ने स्वागत किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम आर्थिक वृद्धि को गति देने के साथ ही महंगाई पर काबू पाने में सहायता करेगा। हालांकि, कुछ का यह कहना है कि मौजूदा ब्याज दर अब भी ज्यादा है और यह किफायती आवास खंड के लिए परेशानी का विषय है।

सीबीआरई के चेयरमैन एवं सीईओ अंशुमान मैगजीन की तरफ से कहा गया है कि हम आरबीआई के रेपो दर में बदलाव न करने के निर्णय का स्वागत करते हैं। पिछले वर्ष लगातार रेपो रेट में बढ़ोतरी के बाद से उच्च ब्याज दर को देखते हुए इस कदम से आवास क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है।
गौड़ ग्रुप के मुख्य प्रबंध निदेशक एवं क्रेडाई (एनसीआर) के चेयरमैन मनोज गौड़ की तरफ से कहा गया है कि संतुलन को बनाएं रखने के लिए केंद्रीय बैंक का रेपो दर में इजाफा नहीं करना रियल एस्टेट डेवलपर्स और मकान खरीदारों के लिए बेहतर है। उन्होंने कहा कि हालांकि, 6.5 फीसदी की वर्तमान दर अब भी ज्यादा है और यह किफायती मकान खंड के लिए परेशानी का विषय है।
नारेडको के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजन बन्देलकर की तरफ से कहा गया है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का रेपो रेट पर यथास्थिति का फैसला रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण कदम है।
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैंन शिशिर बैजल ने कहा कि आरबीआई ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट में इजाफा नहीं किया है। इस बात की हमको खुशी है। हम आवास मार्केट को लेकर सतर्क रहते है। इसमें विशेषकर किफायती और मध्य खंड जो संवेदन शील हैं। पिछली बढ़ोतरी का प्रभाव इन पर रहा है।


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