Real Estate Disparities India Vs United States: मैनेजमेंट कंसल्टेंट गुरजोत अहलूवालिया ने भारत और न्यूयॉर्क के बीच रियल एस्टेट के दामों की तुलना करने के बाद सोशल मीडिया पर एक अहम बहस छेड़ दी। गुड़गांव और न्यूयॉर्क में 3 मिलियन डॉलर यानी करीब 25 करोड़ रुपये में क्या मिल सकता है, इस पर रौशनी डालते हुए, अहलूवालिया की एक्स पर पोस्ट ने प्रॉपर्टी मार्केट में मौजूद भारी असमानताओं को स्पष्ट रूप से दर्शाया।

गुरुग्राम में इस राशि से प्रीमियम सोसाइटी में 4BHK या 5BHK अपार्टमेंट मिल सकता है, जबकि न्यूयॉर्क में इससे 6 कमरों वाला एक शानदार पेंटहाउस मिल सकता है। इस चीज ने भारतीय रियल एस्टेट में पैसे के दाम के बारे में चर्चाओं की झड़ी लगा दी है।
तुलना में आगे बताया गया है कि बजट में मामूली वृद्धि करके 26.8 करोड़ रुपये में खरीदार गुरुग्राम के कुलीन डीएलएफ मैगनोलियास में 4बीएचके या 5बीएचके अपार्टमेंट भी खरीद सकता है। इस अपस्केल समुदाय में स्विमिंग पूल, जिम, स्पा और हरियाली वाली जगहों तक पहुंच जैसी सुविधाएं हैं।
दूसरी तरफ लगभग 2.85 मिलियन डॉलर यानी लगभग 23 करोड़ रुपये की कम कीमत पर, कोई भी व्यक्ति न्यूयॉर्क के अच्छी जगह को देखते हुए एक शानदार पेंटहाउस का मालिक बन सकता है। दुनिया के दो सबसे ज़्यादा मांग वाले शहरों में एक ही रकम में क्या हासिल किया जा सकता है, इस अंतर को देखते हुए अहलूवालिया भारतीय रियल एस्टेट बाज़ार की अपनी आलोचना में मुख्य मुद्दे को दर्शाया है।
अहलूवालिया की पोस्ट में उनके दर्शकों से उत्तेजक सवाल पूछे गए, जिसमें उन्हें गुड़गांव में फ्लैट या न्यूयॉर्क में पेंटहाउस जैसे विकल्पों में से चुनने के लिए कहा गया, और गोल्फ कोर्स रोड जैसे स्थानों की तुलना मैनहट्टन से की गई। उनकी अंतिम टिप्पणी मेरी राय में भारत में रियल एस्टेट एक घोटाला है। इस मामले पर उनके रुख को दर्शाती है, जिसमें दोनों देशों के बीच रियल एस्टेट भाव में असंगति पर जोर दिया गया है।
रियल एस्टेट मूल्यों में असमानता पर यह साहसिक बयान कई लोगों को पसंद आया है, जिससे नेटिज़न्स के रिएक्सन की बाढ़ आ गई है। कुछ यूजर्स ने अहलूवालिया की भावना को दोहराया यह सुझाव देते हुए कि भारतीय रियल एस्टेट बाजार में बहुत अधिक वृद्धि हुई है।
टिप्पणियों में इसे बुलबुला कहा गया जो फटने वाला है, से लेकर इसे दिनदहाड़े डकैती तक कहा गया। रिएक्सन केवल अमेरिका के साथ तुलना तक ही सीमित नहीं थीं, बल्कि अन्य वैश्विक शहरों तक फैली हुई थीं, जिसमें एक यूजर ने कहा कि वही निवेश दुबई जैसी जगहों पर कहीं अधिक शानदार विकल्प प्रदान कर सकता है।
इस चर्चा में निजी कहानियां भी सामने आईं जिसमें एक व्यक्ति ने गुड़गांव से चंडीगढ़ में शिफ्ट होने के अपने फैसले को साझा किया, क्योंकि गुड़गांव में बाजार की दरें अनुचित थीं, सुविधाएं घटिया थीं और कर बहुत अधिक थे। यह विशेष कहानी भारत के कुछ हिस्सों में रियल एस्टेट बाजार की मौजूदा हालत के साथ कुछ निवासियों के बीच असंतोष को दिखाता है।
अहलूवालिया की तुलना से शुरू हुई बातचीत ने न केवल वैश्विक रियल एस्टेट बाजार में मूल्य निर्धारण विसंगतियों पर प्रकाश डाला है, बल्कि भारत में संपत्ति के दाम की स्थिरता और निष्पक्षता पर एक व्यापक संवाद को भी जन्म दिया है। जैसे-जैसे अधिक से अधिक लोग अपनी राय और अनुभव के साथ इसमें शामिल हो रहे हैं, बहस जारी है, जो भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में एक अस्थिर बुलबुले के रूप में देखी जाने वाली बढ़ती चिंता को दर्शाती है।


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