नयी दिल्ली। लोन लेने वालों के अच्छी खबर आई है। जिन लोगों ने लोन लिया है और कोरोनावायरस महामारी के कारण वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं आरबीआई ने ऐसे उधारकर्ताओं द्वारा लिए गए लोन का पुनर्गठन (Recast) या समाधान (Solution) करने के दिशा-निर्देश दिए हैं। बैंकों को इन दिशानिर्देशों के आधार पर ऐसे लोन के पुनर्गठन को लेकर अपने स्तर पर नीति बनानी होगी। आरबीआई के दिशानिर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि किस तरह के पर्सनल लोन इस सुविधा में शामिल होंगे शामिल हैं और बैंकों द्वारा लोन लेने वालों को किस प्रकार की समाधान योजनाएं पेश की जा सकती हैं।
कौन से व्यक्तिगत लोन्स को किया जाएगा शामिल
आरबीआई ने साफ किया है कि बैंक सभी पर्सनल लोन पर राहत दे सकते हैं। इनमें उपभोक्ता लोन, शिक्षा ऋण, अचल संपत्तियों (Immovable Assets) के तैयार या उसमें सुधार करने के लिए दिया गया लोन (जैसे आवास), वित्तीय संपत्तियों (शेयरों, डिबेंचर आदि) में निवेश के लिए दिए गए लोन। कंज्यूमर क्रेडिट में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के लिए दिए गए लोन, ऑटो लोन और क्रेडिट कार्ड रिसीवेबल्स शामिल हैं।
कौन से व्यक्तिगत उधारकर्ता लोन के पुनर्गठन के पात्र होंगे
भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार केवल उन व्यक्तिगत उधारकर्ता खातों को इस फ्रेमवर्क में शामिल किया जाएगा जिन्हें स्टैंडर्ड माना गया हो और 1 मार्च को बैंक द्वारा 30 दिन से ज्यादा समय के लिए डिफॉल्ट न माना गया हो। साथ ही लोन लेने वाले का अकाउंट (लोन अकाउंट) लोन पुनर्गठन की अवधि तक स्टैंडर्ड ही होना चाहिए। इस काम के लिए तय तारीख वह तारीख होगी जिस पर उधारकर्ता और उधार देने वाली संस्था दोनों आरबीआई फ्रेमवर्क के तहत किसी समाधान योजना पर आगे बढ़ने के लिए सहमत हों।
इस समाधान योजना की समय सीमा क्या है?
दिशानिर्देशों में साफ किया गया है कि लोन पुनर्गठन फ्रेमवर्क के तहत समाधान 31 दिसंबर 2020 तक ही लागू किया जा सकता है। साथ ही इसे तय करने की तारीख से 90 दिनों के भीतर लागू किया जाना चाहिए। यानी यदि प्रस्ताव के आह्वान की तिथि 1 दिसंबर 2020 है तो संकल्प योजना को 28 फरवरी 2021 से पहले लागू किया जाना चाहिए।
लोन पुनर्गठन योजना के तहत क्या-क्या सुविधाएं होंगी
इसमें आपको लोन चुकाने को रिशड्यूल, ब्याज में राहत और अधिक समय (जो आपकी इनकम मूल्यांकन पर निर्भर करेगा) शामिल है। आपको अतिरिक्त 2 साल तक का समय मिल सकता है। इसके विपरीत लोन की कुल अवधि को संशोधित किया जा सकता है। अगर तय किया जाए तो तो अतिरिक्त मोहलत समाधान योजना के लागू होने के तुरंत बाद शुरू होगी।
ये भी होंगी शर्तें
इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए आपको कुछ और शर्तें पूरी करनी होंगी। इनमें सभी जरूरी कागजात पेश करना, लोन की बदली हुई शर्तों और लोन लेने वाले का डिफॉल्ट न होना शामिल है।
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