ULI: भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने छोटे किसानों को बड़ा तोहफा दिया है. रिजर्व बैंक लोन की प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए यूएलआई (ULI) लेकर आई है. इसे यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (Unified lending Interference) भी कहा जा रहा है. रिजर्व बैंक ने पिछले साल यूएलआई की सभी जांच पूरी कर दी थी. चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

सोमवार यानी 25 अगस्त को कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रिजर्व बैंक के गवर्नर शाक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने यूएलआई के बारे में बताया था. यूएलआई का उद्देश्य लोन की प्रक्रिया को और आसान बनाना है. यूएलआई सही ढंग से काम करें इसके लिए आरबीआई ने पिछले साल की इसकी पायलट परियोजना शुरू कर दी थी.
यूएलीआई से क्या मिलेगा फायदा?
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जल्द यूएलआई को लॉन्च कर सकता है. यूएलआई लोन प्लेटफॉर्म से गांव के लोगों को काफी सहायता मिलेगी. इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से गांव के लोग आसानी से लोन ले पाएंगे. ऐसा मना जा रहा है कि इसके आने से लोन लेने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आ सकता है.
आरबीआई के गवर्नर शाक्तिकांत दास ने बताया कि उन्होंने बैंकिंग डिजिटलाइजेशन में यूएलआई का इस्तेमाल किया था. उन्होंने यह महसूस किया कि यह प्लेटफॉर्म बिना किसी बांधा के लोन प्रोसेस को और आसान बनाता है. इस प्लेटफॉर्म के जरिए लोन लेना और भी आसान हो जाएगा.
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक यूएलआई में कई राज्यों के लैंड रिकॉर्ड समित अन्य डेटा मौजूद होगें. जिससे किसानों और ग्रामीण लोगों का लोने लेने के लिए अपूर्वल का समय कम लगेगा.
यूएलआई एक तरीके से डिजिटल डेटा देगा. इसमें हर तरीके डेटा मौजूद होंगे. इसके अलावा यूएलआई में लोने लेने वाले के लैंड रिकॉर्ड भी मौजूद होंगे. इससे क्रेडिट वैल्यूएशन लगने में समय कम लगेगा.
यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस आने के बाद लोगों को लोन लेने के लिए कई डॉक्युमेंट्स नहीं देने होंगे. यूएलआई खुद में ही इतना सक्षम होगी कि वह लोन अप्लाई करने वाला का आधार, ई-केवाईसी, लैंड रिकॉर्ड, पैन और बैंक अकाउंट से संबंधित सभी जरूरी जानकारियां अलग-अलग सोर्सेज से कम समय में लेगा.
RBI के गवर्नर ने बताया कि ULI को Plug and Play मॉडल के बेस पर डिज़ाइन किया गया है. ताकि कोई भी इसे आसानी से समझ सकें. यह कहा जा रहा है कि यूएलआई को जल्द पूरे देश में लागू किए जाने की योजना बनाई रही है.
UPI (यूपीआई) के बाद लोग पेमेंट के लिए डिजीटल तरीका इस्तेमाल करने लगे है. आज हर छोटी बड़ी दुकान यूपीआई पेमेंट का ऑप्शन होता है. माना जा रहा है जिस तरीके से यूपीआई ने पेमेंट करने की तरीके में कई बदलाव किए थे. वैसे ही यूएलआई लोन देने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव ला सकता है.


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