Digital Rupee : भारत का केंद्रीय बैंक आरबीआई 1 नवंबर को डिजिटल रुपये का पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च करेगा। आरबीआई ने 31 अक्टूबर को होलसेल सेगमेंट में डिजिटल रुपये के पहले पायलट प्रोजेक्ट को शुरू करने में भाग लेने के लिए नौ बैंकों की पहचान की। आरबीआई ने एक रिलीज में कहा कि नौ बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, यस बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एचएसबीसी शामिल हैं। पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत एक नवंबर से होगी।

होलसेल पायलट की डिटेल
31 अक्टूबर को जारी विज्ञप्ति के अनुसार होलसेल पायलट के लिए उपयोग का मामला सरकारी प्रतिभूतियों में सेकंडरी बाजार लेनदेन का निपटान है। आरबीआई ने कहा कि ईरुपी-डब्ल्यू, या होलसेल के उपयोग से इंटर-बैंक बाजार को और अधिक कुशल बनाने की उम्मीद है। आगे अन्य होलसेल लेन-देन, और सीमा-पार भुगतान इस पायलट से मिले एक्सपीरियंस के आधार पर भविष्य के पायलट प्रोजेक्ट्स की दिशा तय करेंगे।

डिजिटल रुपया में पहला पायलट
डिजिटल रुपया में पहला पायलट - रिटेल सेगमेंट (ई-आर) ग्राहकों और व्यापारियों के क्लोज यूजर्स ग्रुप में चुनिंदा स्थानों में एक महीने के भीतर लॉन्च करने की योजना है। इस तरह के एक पायलट प्रोजेक्ट के संचालन के बारे डिटेल नियत समय पर दी जाएगी।
क्या है सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी
सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी, या सीबीडीसी, एक करेंसी है जिसे रेगुलेटर से सपोर्ट मिला है और ये एक डिजिटल फॉर्म में स्टोर है। इसे पेपर करेंसी में कंवर्ट किया जा सकता है और यह आरबीआई की बैलेंस शीट पर रिफ्लेक्ट होगा, जिससे इसे कानूनी निविदा का दर्जा मिलेगा। भारत के सीबीडीसी को 'ई₹' कहा जाएगा।

कब हुआ था ऐलान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को कहा था कि आरबीआई 2022-23 में एक सीबीडीसी लॉन्च करेगा, जो बहुप्रतीक्षित डिजिटल मुद्रा के लॉन्च पर केंद्र सरकार का पहला आधिकारिक बयान था। वित्त मंत्री ने कहा था कि सीबीडीसी की शुरुआत से डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और यह ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होगा।


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