नई दिल्ली, जून 19। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक और बैंक का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। अब यह बैंक सामान्य बैंक की तरह काम नहीं कर पाएगा। इस बैंक का लाइसेंस 18 जून 2022 से सस्पेंड किया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि इस बैंक से सोमवार से लोग बैंकिंग कारोबार नहीं कर पाएंगे। आरबीआई ने इसके साथ ही कर्नाटक के सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार से भी बैंक को बंद करने और बैंक के लिए एक लिक्विडेटर नियुक्त करने का आदेश भी जारी कर दिया है। आरबीआई का कहना है कि इस बैंक के पास इतनी पूंजी नहीं बची थी कि अपना सामान्य कामकाज कर सके। ऐसा होने के इस बैंक में जमा लोगों का पैसा फंस गया है।
जानिए कौन सा यह बैंक
यह है कर्नाटक का मिलथ को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड। यह कर्नाटक के दावणगेरे में स्थिति है। आरबीआई ने इसी बैंक का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। आरबीआई के अनुसार इस बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं हैं। ऐसे में इस बैंक का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। आरबीआई के अनुसार, बैंक का लाइसेंस इसमें उपयुक्त पूंजी और कमाई की क्षमता का अभाव है, इसलिए ऐसा किया गया है। आरबीआई के अनुसार बैंक का कामकाज जारी रखना इसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक होगा।
जानिए क्या होगा जमा पैसों का
आरबीआई ने बताया है कि इस बैंक के खाताधारकों का पैसा अब डिपॉजिट इंश्योरेंस क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआईसीजीसी) से क्लेम करके मिलेगा। लेकिन यहां पर एक बात याद रखने लायक है कि खाताधारकों का पूरा जमा पैसा वापस नहीं मिलेगा। अगर किसी खाताधारक का जमा पैसा ब्याज के साथ 5 लाख रुपये से ज्यादा का होगा, तो ऐसी स्थिति में उसे केवल 5 लाख रुपये ही वापस मिलेगा। वहीं अगर खाताधारक का जमा पैसा अगर 5 लाख रुपये तक है, तो उसे पूरा पैसा वापस किया जाएगा।
इन को-ऑपरेटिव बैंक पर हो चुकी है कार्रवाई
इससे पहले आरबीआई शंकरराव पुजारी नूतन नगरी सहकारी बैंक पर भी कार्रवाई कर चुका है। यह बैंक महाराष्ट्र के कोल्हापुर में स्थित है। इसके अलावा आरबीआई कर्नाटक के द मुधोल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, बागलकोट का लाइसेंस भी रद्द कर चुका है। इसके अलावा फलटन स्थित यशवंत कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मुंबई स्थित कोंकण मर्केंटाइल को-ऑपरेटव बैंक और कोलकाता स्थित समता कोऑपरेटिव डेवलपमेंट बैंक पर जुर्माना भी लगा चुका है।


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