फास्टैग को लेकर आज फिर एक नई अपडेट्स सामने आई है। अब आरबीआई ने फास्टैग को लेकर बड़ा फैसला किया है।
नई दिल्ली: फास्टैग को लेकर आज फिर एक नई अपडेट्स सामने आई है। अब आरबीआई ने फास्टैग को लेकर बड़ा फैसला किया है। अच्छी बात तो यह है कि आरबीआई ने फास्टैग को रिचार्ज कराने के नियम आसान कर दिए हैं यानी अब आप यूपीआई, एटीएम और क्रेडिट कार्ड्स, प्री-पेड इंस्ट्रूमेंट्स से भी फास्टैग को रिचार्ज कर सकते हैं। मालूम हो कि केंद्र सरकार ने नेशनल हाइवे के टोल प्लाजा पर 15 दिसंबर से वाहनों के लिए फास्टैग अनिवार्य कर दिया है।

यूपीआई और मोबाइल वॉलेट से भी कर सकेंगे रिचार्ज
ऐसे में अगर कोई वाहन बिना फास्टैग के टोल प्लाजा की फास्टैग लेन से गुजरेगा तो दोगुना टोल टैक्स देना पड़ेगा। हालांकि, पहले एक महीने तक यानी 15 जनवरी 2020 तक हर हाइवे पर एक-चौथाई टोल बूथ पर नकद और फास्टैग दोनों से भुगतान हो सकेगा। आपको बता दें कि आरबीआई ने फास्टैग को रिचार्ज कराने के नियम आसान कर दिए हैं यानी अब आप यूपीआई, एटीएम और क्रेडिट कार्ड्स, प्री-पेड इंस्ट्रूमेंट्स से भी फास्टैग को रिचार्ज कर सकते हैं। आरबीआई की ओर से 30 दिसंबर, 2019 को जारी बयान में कहा गया है कि कस्टमर्स अपने फास्टैग अकाउंट्स को पेमेंट्स के सभी ऑथराइज्ड मॉडल्स और इंस्ट्रूमेंट्स से लिंक कर सकते हैं।
आरबीआई ने दिया पेमेंट के ज्यादा विकल्प
इनमें यूपीआई अकाउंट्स और मोबाइल वॉलेट्स भी शामिल होंगे। यह कदम इन अकाउंट्स को रिचार्ज करने में सहूलियत बढ़ाने और फेल्ड ट्रांजैक्शंस के मामले तेजी से सुलझाने के लिए उठाया जाएगा। वहीं आरबीआई की मानें तो कस्टमर्स के लिए पेमेंट के ज्यादा विकल्प देकर इस सिस्टम का दायरा बढ़ाने और सिस्टम पार्टिसिपेंट्स के बीच कॉम्पिटिशन बढ़ाने के इरादे से सभी ऑथराइज्ड पेमेंट सिस्टम्स को अब फास्टैग्स से लिंकिंग की इजाजत होगी।
बता दें कि कुछ दिन पहले भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने ग्राहकों को एनईटीसी फास्टैग को भीम यूपीआई से रिचार्ज करने का विकल्प उपलब्ध कराया। बता दें कि एनपीसीआई ने कहा कि भीम यूपीआई आधारित मोबाइल ऐप के जरिए वाहन मालिक रास्ते में चलते-चलते भी अपने फास्टैग को रिचार्ज कर सकेंगे और उन्हें टोल प्लाजा पर लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी।
क्या है फास्टैग और कैसे काम करता है?
सबसे पहले आपको बता दें कि फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक है, जो नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर उपलब्ध है। यह तकनीक रेडिया फ्रिक्वेंसी आइडेन्टिफिकेशन (आरएफआईडी) के प्रिंसिपल पर काम करता है। इस टैग को वाहन के विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है ताकि टोल प्लाजा पर मौजूद सेंसर इसे रीड कर सके। जब कोई वाहन टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन से गुजरती है तो ऑटोमैटिक रूप से टोल चार्ज कट जाता है। इसके लिए वाहनों को रुकना नहीं पड़ता है। एक बार जारी किया गया फास्टैग 5 साल के लिए एक्टिवेट रहता है। ध्यान रहे कि इसे बस समय पर रिचार्ज करना पड़ता है।
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