Sovereign Gold Bond: एसजीबी के प्रीमैच्योर रिडेम्पशन के लिए तारीखों का हुआ ऐलान, देखें पूरी डिटेल्स

Sovereign Gold Bond Premature Redemption Schedule: आरबीआई ने अप्रैल से सितंबर 2025 तक सोवरेन गोल्ड बांड (SGB) के प्रीमैच्योर रिडेम्पशन की तारीखों की जानकारी दे दी है। तय तारीख से पहले निवेशक इन बॉड्स को रिडीम करा सकते हैं। RBI ने जानकारी दी है कि, निवेशकों को रिडेम्पशन के लिए आवेदन करने की तारीखों का ध्यान रखना होगा। आरबीआई ने इसकी जानकारी प्रेस रिलीज के माध्यम से दी है। ये प्रेस रिलीज 21 फरवरी को जारी हुई थी।

Sovereign Gold Bond

क्या होता है सॉवरेन गोल्ड बांड? (Sovereign Gold Bond Premature Redemption)

पिछले 3-4 सालों में सोने के भाव में जोरदार तेजी के कारण सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम दोगुना से ज्यादा रिटर्न दे रही है। सॉवरेन गोल्ड बांड (SGBs) भारत सरकार की ओर से जारी किए गए सरकारी बांड होते हैं। निवेशक डिजिटल तरह से गोल्ड में निवेश के रूप में देखा जाता है। इसमें निवेशकों को फिजिकल गोल्ड की सुरक्षा की टेंशन नहीं होती है क्योंकि इसमें ऑनलाइन निवेश किया जाता है।

आरबीआई ने बताई ये तारीख (SGB Premature Redemption)

RBI के अनुसार, सॉवरेन गोल्ड बांड को केवल 5 साल के बाद ही प्रीमैच्योर रिडेम्पशन के लिए रिडिम जा सकता है। जो निवेशक 5 साल पूरे होने के बाद अपने एसजीबी को रिडीम करना चाहते हैं, वही इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। अलग-अलग सीरीज के बांड के लिए अलग-अलग आवेदन की डेट है, जो अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच पड़ रही है।

इसके अलावा, RBI ने निवेशकों को जानकारी दी है कि इसके लिए आवेदन की तारीखों को ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि छुट्टियों के कारण तारीख में बदलाव हो सकता है।

एसजीबी में निवेश करने का फायदा

एसजीबी पर हर साल 2.5 प्रतिशत का ब्याज सोवरेन गोल्ड बांड में निवेश करने पर मिलता है। इसके अलावा निवेशक सोने के भाव में उतार-चढ़ाव से फायदा उठा सकते हैं। इसी के साथ निवेशकों को सुरक्षित और अच्छा रिटर्न मिलता है। एसजीबी में निवेश करने के लिए भारतीय नागरिकों के साथ-साथ भारतीय निवासी की श्रेणी में आने वाले दूसरे पात्र व्यक्ति भी आवेदन कर सकते हैं। इसमें व्यक्तिगत निवेशक, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), ट्रस्ट, विश्वविद्यालय और चैरिटेबल संस्थाएं शामिल हैं।

एसजीबी की शुद्धता

इसके अलावा, अगर किसी निवेशक का निवास स्थान बदलकर वह विदेशी बन जाता है, तो वह अपने बांड को विलीनीकरण/परिपक्वता तक रख सकता है। SGBs में शुद्धता की टेंशन भी नहीं होती है क्योंकि गोल्ड बॉन्ड की कीमत इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के प्रकाशित 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत से लिंक होती है। इसके साथ ही इसे डीमैट के रूप में रखा जा सकता है, जो काफी सुरक्षित है और उस पर कोई खर्च भी नहीं होता है। इस पर सालाना 2.5% ब्याज मिलता है और सोने की कीमत जितनी बढ़ती है उसका भी फायदा मिलता है।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+