भारतीय शेयर मार्केट में लगातार 8 हफ्तों की गिरावट के बाद अब निवेशकों की नजर भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI की मौद्रिक नीति पर टिकी है। RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक चल रही है और आज 7 अक्टूबर को रेपो रेट पर फैसला आएगा। बाजार में इस समय 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की उम्मीद सबसे ज्यादा है। अगर ऐसा होता है तो रेपो रेट 5.25 फीसदी से बढ़कर 5.50 फीसदी हो जाएगा और करीब चार साल बाद RBI ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगा।

हालांकि शेयर बाजार के लिए सबसे अहम बात यह है कि संभावित 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी को बाजार काफी हद तक पहले ही अपनी कीमतों में शामिल कर चुका है। यही वजह है कि जानकारों का मानना है कि सिर्फ दर बढ़ने से Sensex और Nifty में बहुत बड़ी गिरावट जरूरी नहीं है। बाजार की अगली दिशा इस बात पर ज्यादा निर्भर करेगी कि RBI आगे ब्याज दरों को लेकर क्या संकेत देता है।
25 साल में सबसे लंबा गिरावट-
दरअसल, भारतीय शेयर बाजार पहले ही बड़ी बिकवाली का सामना कर चुका है। Sensex और Nifty लगातार आठ हफ्तों तक गिरे हैं, जो करीब 25 साल में सबसे लंबा गिरावट का दौर है। इस दौरान Sensex में करीब 6,590 अंकों की गिरावट आई, जबकि Nifty करीब 2,149 अंक टूट चुका है। इस बिकवाली में विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली, महंगा कच्चा तेल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और रुपये की कमजोरी जैसी वजहों की बड़ी भूमिका रही है।
दर बढ़ने से किन सेक्टरों पर असर-
अब सवाल है कि RBI की दर बढ़ने से किन सेक्टरों पर असर पड़ेगा। ब्याज दर बढ़ने से कर्ज महंगा हो सकता है, इसलिए रियल एस्टेट, ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे ब्याज दर संवेदनशील सेक्टरों में दबाव देखने को मिल सकता है। वहीं बैंकिंग शेयरों पर असर थोड़ा अलग हो सकता है। कुछ जानकारों के मुताबिक बढ़ती फ्लोटिंग ब्याज दरों से बैंकों के मार्जिन को फायदा मिल सकता है, लेकिन आगे चलकर जमा पर ब्याज बढ़ने से मार्जिन पर दबाव भी आ सकता है।
रुपये को संभालने के लिए जरूरी कदम-
दूसरी ओर, अगर RBI दर बढ़ाकर भी अपना रुख संतुलित रखता है और इसे महंगाई तथा रुपये को संभालने के लिए जरूरी कदम बताता है, तो बाजार इस फैसले को आसानी से पचा सकता है। लेकिन अगर RBI आगे भी लगातार दर बढ़ाने के संकेत देता है, तो बाजार में फिर से दबाव बढ़ सकता है।
सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ बंद-
फिलहाल बाजार में RBI के फैसले के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमत, रुपया, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजे भी अहम रहेंगे। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन बाजार में रिकवरी दिखी और Sensex 685 अंक चढ़कर 73,067.81 पर, जबकि Nifty 220 अंक बढ़कर 22,776.10 पर बंद हुआ।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


Click it and Unblock the Notifications
