
QR Code-Based Coin Vending Machines : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज वित्त वर्ष 2022-23 की अंतिम मोनेट्री पॉलिसी कमेटी की बैठक में रेपो रेट में 25 आधार अंकों (0.25 फीसदी) की बढ़ोतरी कर दी। हालाँकि आरबीआई ने नीतिगत दरों में बढ़ोतरी और मैक्रो आउटलुक के अलावा क्यूआर कोड-आधारित कॉइन वेंडिंग मशीन लगाने सहित कई बड़े ऐलान किए, जिनमें भारत आने वाले यात्रियों के लिए यूपीआई सर्विस की सुविधा और क्लाइमेंट रिस्क पर रेगुलेटरी इनिशिएटिव शामिल हैं। आगे जानिए सभी की पूरी डिटेल।
क्यूआर कोड आधारित कॉइन वेंडिंग मशीनें लगेंगी
सिक्कों के आसान एक्सेस के लिए आरबीआई 12 शहरों में जल्द ही क्यूआर कोड आधारित कॉइन वेंडिंग मशीनें (क्यूसीवीएम) लगाएगा। इससे सिक्कों के वितरण में आसानी लाई जाएगी। इसके लिए आरबीआई कुछ प्रमुख बैंकों के साथ मिलकर क्यूआर कोड आधारित कॉइन वेंडिंग मशीन पर एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है। इन मशीनों को सार्वजनिक जगहों पर लगाया जाएगा, जिनमें कि रेलवे स्टेशनों, शॉपिंग मॉल, मार्केटप्लेस आदि शामिल हैं। क्यूसीवीएम एक कैशलेस कॉइन डिस्पेंसेशन मशीन होगी, जो यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग करके ग्राहक के बैंक खाते को डेबिट करके कॉइन देगी। कैश-बेस्ड पुराने कॉइन वेंडिंग मशीनों के उलट क्यूसीवीएम बैंकनोटों की फिजिकल टेंडरिंग और उनके अथॉन्टिकेशन की आवश्यकता को समाप्त कर देगी। ग्राहक क्यूसीवीएम में से अपनी आवश्यकता के अनुसार और मनचाहे सिक्के निकाल सकेंगे। पायलट परियोजना के तहत शुरू में देश भर के 12 शहरों में 19 स्थानों पर इन मशीनों को लगाने की योजना है।
भारत आने वाले यात्रियों के लिए यूपीआई
भारत आने वाले यात्री जल्द ही देश में रिटेल पेमेंट भुगतान के लिए एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग कर सकेंगे। आरबीआई गवर्नर ने कहा है कि यूपीआई भारत में रिटेल डिजिटल पेमेंट के लिए बेहद लोकप्रिय है। अब यह प्रस्ताव रखा गया है कि भारत आने वाले सभी यात्रियों को देश में रहते हुए अपने मर्चेंट भुगतान (पी2एम) के लिए यूपीआई का उपयोग करने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए शुरुआत में जी-20 देशों को ये सुविधा दी जाएगी।
क्लाइमेट रिस्क और सस्टेनेबल फाइनेंस पर रेगुलेटरी इनिशिएटिव
आरबीआई ने नीतिगत फैसलों का ऐलान करते हुए जलवायु जोखिम और स्थायी वित्त (सस्टेनेबल फाइनेंस) पर रेगुलेटरी इनिशिएटिव की घोषणा की। क्लाइमेट रिस्क के निगेटिव असर को कम करने के लिए ग्लोबल बेस्ट प्रेक्टिस के आधार पर एक रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया गया है। इनमें ग्रीन डिपॉजिट की स्वीकृति के लिए ब्रॉड फ्रेमवर्क, जलवायु संबंधी फाइनेंस जोखिमों पर डिस्क्लोजर फ्रेमवर्क और क्लाइमेट सिनेरियो एनालिसिस और स्ट्रेस टेस्टिंग पर गाइडेंस शामिल है।
जी-सेक पर बड़ा ऐलान
भारतीय रिजर्व बैंक ने बॉन्ड बाजार का विस्तार करने के लिए सरकारी प्रतिभूतियों (जी-सेक) के बदले लोन देने और उधार लेने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा। साथ ही जी-सेक में बाजार के कारोबार के घंटे को कोरोना से पहले के स्तर पर पहुंचा दिया। जी-सेक में ट्रेडिंग का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बढ़ाया जाएगा, वर्तमान समय सुबह 9 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक का है।
जीडीपी और महंगाई
वित्त-वर्ष के लिए नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 6.4% आंकी गई है। पहले एडवांस अनुमान में चालू वित्त वर्ष के लिए की जीडीपी ग्रोथ 7% आंकी गई। वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही में 7.8%, दूसरी तिमाही में 6.2%, तीसरी तिमाही में 6% और चौथी तिमाही में 5.8% की वृद्धि दर का अनुमान लगाया गया है। वहीं भारतीय रिजर्व बैंक ने दिसंबर की बैठक में मुद्रास्फीति के लक्ष्य को 6.7% पूर्वानुमान से घटाकर 6.5% कर दिया।


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