वीकेंड पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की तरफ से उठाए गए कदमों का असर मंगलवार, 13 अक्टूबर को भी करेंसी मार्केट में दिखा और रुपये में मजबूती जारी रही। शुरुआती कारोबार में USD/INR 95.50–95.60 के करीब ट्रेंड करता दिखा। इससे पहले सोमवार को यह 95.76 पर खुला था, जो शुक्रवार के 96.73 के स्तर से बेहतर स्थिति में था। स्पॉट मार्केट में रुपये पर दबाव कम करने के लिए RBI ने तेल कंपनियों के लिए एक स्पेशल डॉलर विंडो भी खोली है। इसके साथ ही कुछ चुनिंदा हेज पर 20 प्रतिशत का रिजर्व रखना अनिवार्य कर दिया गया है।
RBI के इन नए नियमों से हेजर्स और सट्टेबाजों (स्पेक्युलेटर्स) के समीकरण बदल गए हैं। केंद्रीय बैंक ने रद्द किए गए रुपया-लिंक्ड डेरिवेटिव्स की री-बुकिंग पर रोक लगा दी है और बिना अंडरलाइंग एसेट वाले सौदों की सीमा सख्त कर दी है। इसके अलावा, 20 लाख डॉलर से ज्यादा के इम्पोर्टर हेज पर फॉरेन एक्सचेंज रिस्क रिजर्व (FERR) लागू किया गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकों ने सोमवार को इस कैश डिपॉजिट नियम पर थोड़ी ढील और स्पष्टता की मांग की है।

ईंधन, आयात और शेयर बाजार पर RBI के नए नियमों का असर
अगर कच्चे तेल की कीमतें अनुकूल रहती हैं, तो तेल कंपनियों की तरफ से डॉलर की मांग घटने से निकट भविष्य में ईंधन की कीमतों का दबाव कम हो सकता है। रुपये में स्थिरता आने से एयरलाइंस और ऑटो कंपनियों को फायदा होगा, जबकि IT एक्सपोर्टर्स के मार्जिन पर कुछ दबाव देखने को मिल सकता है। FERR लागू होने और री-बुकिंग पर रोक के चलते छोटी कंपनियों (SMEs) के लिए हेजिंग की लागत बढ़ सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि इससे आयातकों की तरफ से फॉरवर्ड डिमांड घटेगी, जिससे प्रीमियम में नरमी आ सकती है।
| सेक्टर | कम अवधि में संभावित असर | वजह क्या है |
|---|---|---|
| OMCs, एयरलाइंस, ऑटो | रुपया संभलने पर राहत; लागत का जोखिम कम | स्पेशल विंडो से स्पॉट डॉलर की खरीदारी घटेगी |
| IT सर्विसेज, एक्सपोर्टर्स | कमाई और मार्जिन पर हल्का दबाव संभव | रुपये में मजबूती और फॉरवर्ड डिमांड में सुस्ती |
| SMEs, इंपोर्टर्स | पात्र सौदों के लिए हेजिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी | FERR कैश रिजर्व नियम और री-बुकिंग पर रोक |
USD/INR का स्तर और ट्रेडिंग से जुड़े संकेत
सोमवार को करीब 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 95.77 पर बंद होने के बाद, ट्रेडर्स आज 95.50–95.60 के आसपास खुलने का अनुमान लगा रहे हैं। सोमवार को दिन के कारोबार में यह 95.30–96.20 के दायरे में रहा, जो शुरुआती सपोर्ट और रेजिस्टेंस का काम करेगा। इंट्राडे रुझान के लिए ब्रेंट क्रूड, अमेरिका के आर्थिक आंकड़ों और RBI की स्पेशल विंडो के इस्तेमाल पर नजर बनाए रखें। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल कंपनियों के लिए बनाई गई यह सुविधा हर महीने 10 से 12 अरब डॉलर तक की मांग को संभाल सकती है।
विदेश यात्रा करने वालों और SMEs के लिए जरूरी सलाह
विदेश यात्रा पर जाने वाले लोग दोपहर में बाजार की हलचल बढ़ने से पहले फॉरेक्स कार्ड के मार्कअप और रीलोड स्प्रेड की तुलना जरूर कर लें। कार्ड में एक बार में पूरा पैसा लोड करने के बजाय टुकड़ों में लोड करें, एयरपोर्ट काउंटरों से कार्ड खरीदने से बचें और रोजाना टेलीग्राफिक ट्रांसफर रेट चेक करते रहें। दूसरी ओर, SMEs को अपनी हेजिंग रणनीति की समीक्षा करनी चाहिए, सौदों की अवधि (टैन्योर) छोटी रखनी चाहिए और अब बैन हो चुके कैंसिल-रीबुक लूप से बचना चाहिए। FERR लागू होने की स्थिति में अतिरिक्त कैश मार्जिन का प्रावधान रखें और बैंकों के साथ प्राइजिंग पर दोबारा बातचीत करें।


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