RBI MPC Meeting: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की मीटिंग आज 5 फरवरी से शुरू जाएगी. गवर्नर संजय मल्होत्रा के नए नेतृत्व में यह पहली एमपीसी मीटिंग हो रही है. आज से शुरू होने वाली इस बैठक से कई लोगों को उम्मीद है कि रेपो दर में कमी आएगी. एनलिस्ट्स का मानना है कि इस कदम से सुस्त खपत पैटर्न के बीच ग्रोथ को बढ़ावा मिल सकता है.
2 साल से नहीं बदली दरें
रिजर्व बैंक ने फरवरी 2023 से शॉर्ट टर्म लेंडिंग रेट्स को 6.5% पर बनाए रखा है. आखिरी बार दरों में कटौती मई 2020 में COVID-19 की पहली लहर के दौरान की गई थी. तब से दरें धीरे-धीरे अपने वर्तमान स्तर तक बढ़ गई हैं. फरवरी पॉलिसी में दरें में होने वाले किसी भी बदलाव को लेकर MPC का फैसला 7 फरवरी, 2025 को आएगा.

मीटिंग को लेकर एक्सपर्ट का अनुमान
मनी कंट्रोल रिपोर्ट के मुताबिक बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ इकोनॉमिस्ट मदन सबनवीस ने ब्याज दरों में कटौती की संभावना जताई है. उनका मानना है कि केंद्रीय बैंक की ओर से हाल ही में की गई लिक्विडिटी ग्रोथ इसका संकेत है. सबनवीस का मानना है कि केंद्रीय बजट के बाद प्रमुख ब्याज दरों में कटौती से आर्थिक ग्रोथ को काफी बढ़ावा मिल सकता है. बता दें कि पिछले महीने ही RBI ने बैंकिंग सिस्टम में 1.5 लाख करोड़ रुपए डालने का ऐलान किया.
महंगाई और ग्लोबल टेंशन
आईसीआरए की चीफ इकोनॉमिस्ट अदिति नायर भी केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरों में कटौती के पक्ष में स्थितियां देख रही हैं. उन्होंने कहा कि महंगाई की गतिशीलता में सुधार हुआ है, जिससे ऐसे ऐलानों की गुंजाइश बनती है. हालांकि, वे जियो-पॉलिटिकल टेंशन और भारतीय रुपए में जारी उतार-चढ़ाव को नजरअंदाज करने के खिलाफ अलर्ट भी कर रही हैं.
उन्होंने कहा कि अगर रुपया और कमजोर होता है, तो रेपो रेट में कटौती अप्रैल 2025 तक आगे बढ़ सकती है. मौद्रिक नीति निर्णयों को तय करने में घरेलू आर्थिक स्थितियों और इंटरनेशनल फैक्टर्स के बीच परस्पर क्रिया महत्वपूर्ण बनी हुई है।


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