RBI MPC Meet: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की मीटिंग आज 4 जून, 2025 से शुरू हो रही है. यह FY2025-26 की दूसरी मीटिंग है, जिसके नतीजे 6 जून को घोषित किए जाएंगे. गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली इस कमिटी में ब्याज दरों, महंगाई समेत आर्थिक ग्रोथ को लेकर चर्चा होगी. हालांकि, ज्यादा एनलिस्ट्स उम्मीद कर रहे हैं जून पॉलिसी में भी ब्याज दरों को घटाया जा सकता है. इसके तहत 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की जा सकती है. गुडरिटर्न्स पोल्स के मुताबिक रिजर्व बैंक जून पॉलिसी में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती कर सकता है. पोल में शामिल 42 इकोनॉमिस्ट्स ने महंगाई से राहत और लिक्विडिटी कंडीशन को रेट कट के लिए अहम माना.
रेपो रेट में कटौती की उम्मीदें
फरवरी और अप्रैल में हुई पिछली बैठकों में रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कटौती की थी, जिससे आम आदमी को काफी राहत मिली थी. क्योंकि ब्याज दरों में कटौती से उनके लोन सस्ते हुए और EMI का बोझ कम हुआ. अब यह देखना अहम होगा कि क्या इस बार की बैठक में भी केंद्रीय बैंक इसी तरह की कोई खुशखबरी सुनाएगा. हालांकि, जानकारों का मानना है कि इस बार भी आरबीआई रेपो रेट में बदलाव कर सकता है. SBI रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक जून पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरों को करीब आधा फीसदी तक घटाया जा सकता है. नतीजनत, लोन सायकल फिर से एक्टिव हो सकता है और अर्थव्यवस्था को सपोर्ट मिलेगा.
RBI ने इससे पहले अप्रैल में ब्याज दरों में 0.25% की कटौती की थी, जिसके बाद ब्याज दरें 6.25% से घटकर 6% हो गई थीं. अप्रैल से पहले फरवरी में भी रेपो रेट को घटाया गया था. जब यह 6.50% से घटकर 6.25% हो गया था. फरवरी में 5 साल बाद रेपो रेट कटौती की गई थी. फिलहाल रेपो रेट 6.00% पर है.

रेपो रेट क्या होता है?
रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा कमिटी यानी MPC हर 2 महीने में एक बार ब्याज दरों को लेकर मीटिंग करती है, जिसमें मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए फैसला लिया जाता है. यहां यह समझना जरूरी है कि रेपो रेट क्या है? इसे उदाहरण से समझिए... जिस प्रकार आम नागरिक अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंक से कर्ज लेते हैं और उसे ब्याज के साथ चुकाते हैं. उसी तरह बैंकों को भी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए लोन की आवश्यकता होती है. भारतीय रिजर्व बैंक जिस ब्याज दर पर बैंकों को लोन देता है, उसे रेपो रेट कहा जाता है. रेपो रेट कम होने पर आम आदमी को राहत मिलती है. जबकि रेपो रेट बढ़ने पर मुश्किलें बढ़ जाती हैं. क्योंकि लोन महंगा हो जाता है.
FY25 की आगामी MPC बैठकें
RBI हर 2 महीने के अंतराल पर MPC की मीटिंग करता है. यह बैठक 3 दिनों तक चलती है. तीसरे दिन RBI गवर्नर मीटिंग में लिए गए फैसलों की घोषणा करते हैं. FY25 की पहली बैठक 7 से 9 अप्रैल को हुई थी. यह दूसरी बैठक 4 से 6 जून के बीच हो रही है. इसके बाद RBI इस फाइनेंशियल ईयर में 4 और मीटिंग्स करेगा. तीसरी मीटिंग 5 से 7 अगस्त, चौथी बैठक 29 सितंबर से 1 अक्टूबर, 5वीं बैठक 3 से 5 दिसंबर को और FY25 की आखिरी बैठक 4 से 6 फरवरी को होगी.
More From GoodReturns

FD की नई दरें: इन 4 बैंकों में सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा 8.30% तक ब्याज, जानें निवेश का सही तरीका

399 रुपये से कम में बेस्ट OTT प्लान: Jio, Airtel और Vi में से कौन सा है पैसा वसूल?

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका

9 सितंबर को सोने के दाम: क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा भाव

Gold and Silver Price Today: 7 सितंबर को सोने-चांदी के भाव क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा रेट

आज 8 सितंबर को सोने के भाव में आई नरमी, क्या खरीदारी का है सही मौका? जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट

NSE प्री-ओपन ऑक्शन में बड़ा बदलाव: 7 सितंबर से बदलेंगे नियम, जानें निवेशकों पर क्या होगा असर?

रविवार को सोने-चांदी के भाव स्थिर: क्या आज खरीदारी करना है सही फैसला? जानें 22K-24K के ताजा रेट्स



Click it and Unblock the Notifications
