शेयर बाजार में शुक्रवार को तेज एक्शन देखने को मिल रहा. सपाट शुरुआत के बाद बाजार में ऊपरी स्तरों से करेक्शन देखने को मिला. हालांकि, चंद मिनटों में फिर से रिकवरी देखने को मिल रही है. दरअसल, बाजार में उतार चढ़ाव की वजह RBI की MPC मीटिंग है, जिसके चलते जोरदार हलचल देखने को मिल रहा. नीतिगत दरों पर हर दो महीने में होने वाली रिजर्व बैंक की मीटिंग में शुक्रवार 6 दिसंबर को दरों को स्थिर रखा गया. गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता MPC ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. यह 11वां मौका है जब दरों में कटौती नहीं किया गया है. फिलहाल प्रमुख इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड कर रहे.
शेयर बाजार में तेज एक्शन
शेयर बाजार में तेज हलचल है. सेंसेक्स आज सुबह 81,887 पर खुला और कारोबारी सेशन में 81,506 तक फिसला, जोकि इंट्राडे में 81,887 का हाई भी बनाया है. सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर इंडेक्स 81,787 पर टरेड कर रहा है. इसी तरह निफ्टी भी 13 अंकों की मामूली तेजी के साथ 24,721 पर ट्रेड कर रहा है, जोकि चंद मिनटों पहले 24,620 के लेवल तक फिसल गया था.
आज मार्केट में आईटी, मीडिया और फार्मा सेक्टर के शेयरों में करेक्शन देखने को मिल रहा है. जबकि बैंकिंग, ऑटो, FMCG जैसे सेक्टर के शेयर बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं. निफ्टी में बजाज ऑटो का शेयर करीब ढाई फीसदी की मजबूती के साथ ट्रेड कर रहा है. एक्सिस बैंक, बीपीसीएल और आईटीसी के शेयर भी 1-1 फीसदी की बढ़त के साथ टॉप गेनर हैं. जबकि सिप्ला टॉप लूजर है.

ब्याज दरें स्थिर, CRR घटाया
RBI MPC में 6 में से 4 सदस्यों ने दरों में बदलाव नहीं करने के पक्ष में वोट किया. इसके तहत रेपो रेट 6.5 फीसदी पर बरकरार है. कमिटी ने पॉलिसी रुख को न्यूट्रल बनाए रखा है. हालांकि, CRR में कटौती का ऐलान हुआ है. बाजार में उतार-चढ़ाव के यही वजह हैं. रेपो रेट को स्थिर रखने की वजह से बाजार में करेकशन देखने को मिला. फिर CRR में कटौती से बाजार में निचले स्तरों से जोश देखने को मिल रहा है, जिसे 50 बेसिस पॉइंट्स घटाकर 4 फीसदी पर कर दिया है. यह मार्च 2020 के बाद पहला मौका जब CRR में कटौती की गई. बता दें कि CRR को दो बार में घटाया जाएगा.
कब से घटेंगी ब्याज दरें?
TRUST Mutual Fund के CEO संदीप बगला ने कहा कि उम्मीद के मुताबिक दरों को स्थिर रखा गया है. लेकिन ग्रोथ अनुमान से कमजोर और महंगाई RBI के दायरे से ज्यादा रहने की आशंका है. हालांकि, FY25 की दूसरी छमाही में ग्रोथ पटरी पर लौट सकती है. क्योंकि सरकारी खर्चे में इजाफा हो सकता है. वहीं, रुपए की कमजोरी से FIIs की बिकवाल आगे भी जारी रह सकती है.
उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक, फरवरी से ब्याज दरों को घटाना शुरु कर सकता है. क्योंकि तब महंगाई दर में गिरावट देखने को मिल सकती है. MPC के 6 में से 2 सदस्यों ने दरों में कटौती के पक्ष में वोट किया, जो दर्शाता है कि फरवरी से दरों में कटौती शुरु होने की बेहद ज्यादा संभावनाएं हैं.
रिजर्व बैंक की नीतिगत दरें
रेपो रेट 6.50%
SDF 6.25%
MSF 6.75%
Bank rate 6.75%
बढ़ती महंगाई बनी टेंशन
रिजर्व बैंक का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब रिटेल महंगाई दर उसके रेंज (2-6%) से बाहर है, जोकि अक्टूबर में 6.21 फीसदी पर रही. शक्तिकांत दास ने कहा कि रिजर्व बैंक ग्रोथ और महंगाई में तालमेल बनाकर चलेगा. गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि बढ़ती महंगाई का आर्थिक ग्रोथ पर बुरा असर पड़ा है. प्रोटेक्शनिज्म की वजह से ग्लोबल इंफ्लेशन में बढ़ोतरी की संभावना है. अमेरिकी डॉलर में मजबूती से फाइनेंशियल मार्केट में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है.


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