RBI MPC Meet: केंद्रीय बजट पेश हो चुका है. बजट हाइलाइट में सबसे ऊपर टैक्स छूट रहा, जिसमें मिडिल क्लास को वित्त मंत्री ने बड़ा तोहफा दिया है. इसके तहत 12 लाख रुपए तक की सालाना इनकम को टैक्स दायरे से बाहर रखा है. अब निगाहें रिजर्व बैंक की पॉलिसी मीटिंग पर है, जिसमें ईएमआई को लेकर बड़ा ऐलान हो सकता है. रिजर्व बैंक की मौद्रीक समीक्षा कमिटी की फरवरी बैठक में नीतिगत दरों को घटाया जा सकता है.
गवर्नर संजय मल्होत्रा के नेत्तृव में होने जा रही बैठक 5 फरवरी से शुरू होगी, जोकि 7 फरवरी तक चलेगी. फिलहाल रेपो रेट 6.25 फीसदी पर है. बता दें कि फरवरी 2023 से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. जबकि इस दौरान 11 एमपीसी मीटिंग हो चुकी हैं.
ईएमआई बोझ से मिलेगी राहत?
केंद्रीय बैंक आरबीआई की MPC मीटिंग 5 से 7 फरवरी तक चलेगी. इसमें महंगाई, रुपए की गिरावट, जीडीपी ग्रोथ समेत ब्याज दरों पर मंथन होगा. खासकर मिडिल क्लास को इस मीटिंग से काफी उम्मीदें हैं. क्योंकि पिछले 2 सालों से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. जबकि महंगाई से राहत नहीं मिल रही.

बजट में 12 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री
फरवरी का महीना काफी धमाकेदार रहा है. इसमें पहली तारीख को देश का बजट पेश हुआ, जिसमें मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिली. इसके तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 लाख रुपए तक की सालाना इनकम को टैक्स फ्री कर दिया है. दरअसल, सरकार का फोकस खपत बढ़ाने पर है. साथ ही लंबे समय से उठ रही मांग को भी पूरा करना रहा.
क्या है रेपो रेट?
रिजर्व बैंक की एमपीसी मीटिंग हर दो महीने में होती है. इसमें सबका फोकस रेपो रेट पर होती है, जिसे लेकर 6 सदस्यी कमिटी मंथन करती है. बता दें कि आरबीआई रेपो रेट पर ही अन्य बैंकों को कर्ज बांटता है. इसके तहत जब बैंकों को कम ब्याज दर पर लोन मिलेगा तो वो कस्टमर्स को भी कम ब्याज पर लोन देंगे. रेपो रेट का असर लोन ईएमआई पर पड़ता है. यही वजह है कि सबकी निगाहें रेपो रेट पर रिजर्व बैंक के फैसले पर होता है.


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