RBI Monetary Policy Meeting Outcome: दशहरा से पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार (1 अक्टूबर) को ब्याज दरों पर बड़ा ऐलान किया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट पर कोई बदलाव नहीं किए जाने की बड़ी घोषणा की। यानी ब्याज दर पहले की तरह 5.5 प्रतिशत पर बरकरार है।

रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने नीतिगत रेपो रेट को 5.50% पर बरकरार रखने का फैसला किया। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि सभी छह सदस्यों ने एकमत से यह निर्णय लिया है।
तीन दिनों तक (29 सितंबर से 1 अक्टूबर) चली बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर ने आज सुबह 10 बजे देश की नई रेपो रेट के बार में जानकारी दी। इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने 6 अगस्त को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की अपनी तीसरी मीटिंग में रेपो रेट (Repo Rate) में बदलाव नहीं किया था। केंद्रीय बैंक ने आखिरी बार जून 2025 में रेपो रेट में 0.50 फीसदी की कटौती की थी लेकिन अगस्त में इसे नहीं बदला गया था। हालांकि, इस साल ब्याज दरों में अब तक कुल 1 फीसदी की कटौती हो चुकी है।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की बड़ी बातें
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद कहा कि ग्रोथ और महंगाई का संतुलन अगस्त से अब बदल चुका है। उन्होंने माना कि GST रेशनलाइजेशन का महंगाई पर ठंडा असर पड़ेगा, यानी आने वाले समय में कीमतों के दबाव में कमी आ सकती है। हालांकि, गवर्नर ने चेतावनी दी कि बढ़ते टैरिफ भारत की एक्सपोर्ट ग्रोथ को प्रभावित कर सकते हैं। इस संतुलन को ध्यान में रखकर ही RBI ने नीतिगत रुख तय किया है।
RBI गवर्नर ने FY26 GDP ग्रोथ फोरकास्ट 6.5% से बढ़ाकर 6.8% किया
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद भारत की आर्थिक ग्रोथ को लेकर नया अनुमान जारी किया है। रिज़र्व बैंक ने FY26 के लिए GDP ग्रोथ फोरकास्ट को 6.5% से बढ़ाकर 6.8% कर दिया है। गवर्नर ने कहा कि घरेलू मांग, निवेश और स्थिर आर्थिक माहौल के चलते भारत मजबूत स्थिति में है. हालांकि, क्वार्टरवार अनुमान में हल्की कटौती की गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि ग्रोथ की रफ्तार असमान रह सकती है।
- FY26 GDP फोरकास्ट - RBI ने FY26 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 6.5% से बढ़ाकर 6.8% किया।
- Q2 FY26 - अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7% किया गया।
- Q3 FY26 - अनुमान 6.6% से घटाकर 6.4% किया गया।
- Q4 FY26 - अनुमान 6.3% से घटाकर 6.2% किया गया।
- Q1 FY27 - अनुमान 6.6% से घटाकर 6.4% किया गया।
महंगाई से मिलेगी राहत
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने CPI (महंगाई) के नए अनुमान पेश किए हैं। रिज़र्व बैंक ने FY26 के लिए CPI फोरकास्ट को 3.1% से घटाकर 2.6% कर दिया है, जो हाल के वर्षों में सबसे निचले स्तरों में से एक है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि महंगाई कम होगी। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने FY26 के लिए महंगाई (CPI) का अनुमान घटाकर 2.6% कर दिया है, जो पहले 3.1% था। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि GST रेशनलाइजेशन से महंगाई पर ठंडा असर पड़ेगा। हालांकि, उन्होंने चेताया कि बाहरी अनिश्चितताओं से महंगाई आउटलुक पर दबाव बना रह सकता है। RBI ने FY27 की पहली तिमाही के लिए भी अनुमान 4.9% से घटाकर 4.5% किया है, जो अब भी 4% से ऊपर बना हुआ है।
- FY26 CPI फोरकास्ट - अनुमान घटाकर 2.6% किया गया (पहले 3.1%)
- Q2 FY26 - 2.1% से घटाकर 1.8% का नया अनुमान।
- Q3 FY26 - बड़ा रिविजन, 3.1% से घटाकर 1.8%
- Q4 FY26 - मामूली कटौती, 4.4% से घटाकर 4%
- Q1 FY27 - 4.9% से घटाकर 4.5%
घर खरीदारों पर क्या होगा असर?
RBI द्वारा रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किए जाने और GST में कटौती के बाद घर खरीदारों पर पड़ने वाले प्रभाव के संदर्भ में एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि RBI द्वारा रेपो दर को 5.5% पर अपरिवर्तित रखने के निर्णय से गृह ऋण की EMI वर्तमान स्तर पर बनी हुई है, जिससे खरीदारों की धारणा को बनाए रखने में मदद मिलती है, लेकिन आवास की सामर्थ्य में सुधार नहीं होता है।
इस स्थिरता का अर्थ है कि मौजूदा गृह ऋण लेने वालों को EMI में तत्काल कोई बदलाव नहीं दिखेगा, जबकि नए उधारकर्ताओं को ऋण ब्याज दरें स्थिर मिलेंगी। ANAROCK के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत के शीर्ष 7 शहरों में 2025 की तीसरी तिमाही में आवासीय बिक्री साल-दर-साल 9% घटकर 97,080 इकाई रह गई, फिर भी कुल बिक्री मूल्य 14% बढ़कर 1.52 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो दर्शाता है कि मांग प्रीमियम और मध्यम श्रेणी के घरों की ओर बढ़ी है।
हालांकि, हाल ही में GST दरों में की गई कटौती से काफी राहत मिली है। सीमेंट पर GST 28% से घटाकर 18% करने से निर्माण लागत में 3-5% की गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे खरीदारों के लिए घर की कीमतों में 1-1.5% की कमी आ सकती है। इस कटौती से घर खरीदारों को खरीदारी पर 1-3 लाख रुपये की बचत हो सकती है, खासकर किफायती और मध्यम श्रेणी के आवासों को, जहाँ लागत संवेदनशीलता अधिक होती है।
ANAROCK के आंकड़ों से पता चलता है कि किफायती आवास की हिस्सेदारी 2019 के 38% से घटकर 2024 में केवल 18% रह गई है, जिससे इस प्रवृत्ति को उलटने के लिए GST में ये कटौती महत्वपूर्ण हो जाती है। स्थिर ब्याज दरों और कम निर्माण लागत का संयोजन आवास की मांग के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है, खासकर चल रहे त्योहारी सीजन के दौरान।
More From GoodReturns

Nifty 25,000 की ओर या आएगा Correction? Banking, NBFC और IT Sector पर Expert की बड़ी राय

अनलिमिटेड 5G का सच: Jio, Airtel और Vi के प्लान्स में क्या है छिपा हुआ पेंच?

HDFC SmartBuy पर Amazon Pay वाउचर गायब: रिवॉर्ड पॉइंट्स बचाने का अब क्या है तरीका?

Juniper Green Energy और MV Electrosystems IPO: आज जारी होगा अलॉटमेंट स्टेटस, ऐसे करें चेक

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

DTH और Cable TV होने वाला है बंद? सरकार के नए नियमों का पूरा Fact Check!

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST e-Way Bill में बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से Ship-to GSTIN अनिवार्य, कहीं आपका माल न रुक जाए!

पेट्रोल-डीजल के दाम: आज भी राहत या झटका? जानें अपने शहर के रेट और बचत का गणित

RBI MPC Policy: आज ब्याज दरों पर बड़ा फैसला, आपकी EMI और FD पर क्या होगा असर?



Click it and Unblock the Notifications