रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक आज समाप्त हो जाएगी. इस बैठक की शुरुआत 7अक्टूबर को हुई थी. आरबीआई (RBI) ने अपनी इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए है. इसमें से एक बड़ा फैसला लोन को लेकर भी हुआ है. आरबीआई ने एनबीएफसी (NBFC) के फ्लोटिंग लोन पर लगने वाले प्री प्रेमेंट चार्जिस को सामप्त कर दिया है. चलिए जानते हैं कि इससे आम आदमी को कैसे फायदा होने वाला है.

इस बदलाव से उन लोगों को फायदा होने वाला है, जो समय से पहले ही अपना लोन चुका देते हैं. मान लीजिए की कोई व्यक्ति अपने लोन अवधि पूरा होने से पहले ही लोन चुका देता है. ऐसे में नॉन बैंकिंग फाइनेंस कमिटी उनसे फ्लोटिंग लोन के प्री-क्लोजर पर चार्जिस लेती है.
क्योंकि अगर कोई व्यक्ति समय से पहले लोन चुका देता है, तो फाइनेंशियल कंपनी को ब्याज दर से मिलने वाला लाभ नहीं मिल पाता है. ऐसे में कंपनियां नुकसान से बचने के लिए क्लोजिंग चार्ज लगाती है.
लेकिन अब आरबीआई ने इस चार्ज पर रोक लगा दी है. अब एनबीएफसी अपने नुकसान से बचने के लिए ये चार्जिस नहीं लगा पाएगी. ऐसे में आम जनता भी पहले लोन की पेमेंट कर भारी चार्जिस से बच पाएंगी और समय से पहले लोन पेमेंट करने को बढ़ावा भी मिलेगा.
रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव
आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक में रेपो रेट को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ है. एक बार फिर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो रेट में कोई भी बदलाव ना लेने का फैसला किया है. फरवरी 2023 में रेपो रेट 6.5 फीसदी तय किया गया था. जिसके बाद से ही रेपो रेट यहीं चल रहा है. इस तरह रेपो रेट कहीं ना कहीं आपके लोन जैसे होम लोन, कार लोन और ऑटो लोन के ब्याज दर फर्क पड़ जाता है.


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