RBI MPC Meeting 2024 UPI Lite Transaction Limit News: आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक के बाद रेपो रेट में कोई भी कटौती नहीं करने का फैसला किया है। इस बार भी रेपो रेट 6.5% पर रखने का ऐलान किया गया है। इसके साथ ही UPI Lite की सीमा 2000 से बढ़ाकर 5000 रुपए की गई है। इसके अलावा चुनिंदा ट्रांजैक्शन पर UPI लिमिट बढ़ाने का भी प्रस्ताव भी जारी किया गया है। आइए इसके बारे में आपको पूरी जनकारी देते हैं।

आरबीआई ने UPI Lite की सीमा 2000 से बढ़ाकर 5000 रुपये
7 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक हुई एमपीसी बैठक में प्रति लेनदेन की सीमा को 5,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही यूपीआई लाइट वॉलेट सीमा में बढ़ोतरी की गई है और यूपीआई लाइट लेनदेन सीमा को भी बढ़ा दिया गया है। RBI ने UPI लाइट वॉलेट की सीमा 2,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दी गई है।
UPI लाइट वॉलेट की सीमा बढ़ाने से होगा यूजर्स को फायदा
सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, UPI पे यूजर को इंटरनेट कनेक्शन के बिना डिजिटल भुगतान करने की अनुमति देता है, सीमित इंटरनेट पहुंच वाले क्षेत्रों में लोगों की मदद करने के लिए इसे डिजाइन किया गया है।
हर लेनदेन सीमा को बढ़ाकर 10,000 रुपये करके RBI का मुख्य लक्ष्य बड़े लेनदेन को सक्षम करना है, जिससे यूजर्स को अधिक सुविधा मिल सके।
इसी तरह, UPI लाइट वॉलेट, जो हर लेनदेन के लिए बैंक प्राधिकरण की आवश्यकता के बिना वॉलेट से सीधे छोटे-मूल्य के लेनदेन की सुविधा देता है, इसकी सीमा बढ़कर 5,000 रुपये हो जाएगी।
यह वृद्धि UPI लाइट को उन उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनाएगी जो लगातार कम-मूल्य के लेनदेन के लिए इस पर निर्भर हैं, जिससे उन्हें वॉलेट में अधिक धनराशि आर्काइव करने और बार-बार टॉप-अप किए बिना तेज भुगतान करने की अनुमति मिलती है।
यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) द्वारा जारी किए गए डेटा के अनुसार, UPI नेटवर्क ने सितंबर में 500 मिलियन से अधिक दैनिक लेनदेन संसाधित किए हैं। लगातार पांचवें महीने लेनदेन का मूल्य ₹20 लाख करोड़ के निशान से ऊपर रहा। सितंबर में ऐवरेज दैनिक लेनदेन मूल्य ₹68,800 करोड़ हो गया, जो अगस्त में ₹66,475 करोड़ था।
यूपीआई के माध्यम से टैक्स पेमेंट की सीमा बढ़ाई
इससे पहले आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने अगस्त से पहले में इस बात की जानकारी दी थी कि कुछ कैटेगरी के पेमेंट को छोड़कर, जिनमें ट्रांजेक्शन लिमिट ज्यादा है, यूपीआई के लिए पेमेंट की सीमा 1 लाख रुपये हैं। वहीं, अगस्त में यूपीआई के माध्यम से टैक्स पेमेंट की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये प्रति ट्रांजेक्शन करने का फैसला लिया गया है। इस कदम से ग्राहकों को यूपीआई के माध्यम से टैक्स पेमेंट करने में आसानी होगी।
वहीं, अगस्त में आरबीआई ने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) और रिटेल डायरेक्ट स्कीम की सीमा प्रति लेनदेन 5 लाख रुपये तक तय किया था। इसके अलावा यूपीआई में लेनदेन की कुछ खास कैटेगरी जेसे कैपिटल मार्केट, इंश्योरेंस, फॉरेन इन्वार्ड रेमिटेंस, कलेक्शन के लिए यूपीआई की सीमा 2 लाख रुपये तक है।


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