RBI MPC Meet: अमेरिकी टैरिफ से दुनियाभर की अर्थव्यवस्था में हलचल मची हुई है. इसमें भारत की इकोनॉमी भी शामिल है. आर्थिक उथल-पुथल के बीच रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा कमिटी (MPC) की अप्रैल मीटिंग भी शुरू हो गई है, जोकि हर 2 महीने में ब्याज दरों में बदलाव को लेकर होती है. अप्रैल में हो रही MPC मीटिंग नए फाइनेंशियल ईयर FY26 की पहली बैठक है. इससे पहले फरवरी 2025 की मीटिंग में 6 सदस्यी MPC ने दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती का ऐलान किया गया था. बता दें कि इन दरों का असर लोन की मंथली ईएमआई पर पड़ता है.
ब्याज दरों में कटौती का अनुमान
RBI MPC की मीटिंग 7 से 9 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें ब्याज दरों पर मंथन किया जा रहा. बहुमत में लिए गए निर्णय की जानकारी रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा 9 अप्रैल को सुबह 10 बजे देंगे. एनलिस्ट्स मान रहे हैं कि रिजर्व बैंक अप्रैल की मीटिंग में भी ब्याज दरों को घटा सकता है. इसके तहत दरों में एक बार फिर से 25 बेसिस पॉइंट्स यानी 0.25% की कटौती की जा सकती है. गुडरिटर्न्स पोल में शामिल 33 इकोनॉमिस्ट्स में से 29 ने दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की बात कही.
MPC ने अगर अप्रैल मीटिंग में ब्याज दरों में कटौती की जाती है, तो दरें गिरकर 6% पर आ जाएंगी. अभी रेपो रेट 6.25% पर है. इससे होम लोन, पर्सनल लोन, ऑटो लोन समेत बिजनेस लेने वाले ग्राहकों को राहत मिल सकती है. क्योंकि रेपो रेट में कटौती के बाद संभव है कि बैंकों की ओर से भी दरें घटा दी जाए.
कैपिटल इकोनॉमिक्स के शालिन शाह ने कहा कि हाल में रिटेल महंगाई दरों में तेज गिरावट दर्ज किया गया. ऐसे में रिजर्व बैंक की MPC अप्रैल मीटिंग में ब्याज दरों को घटा सकती है. इसके तहत 9 अप्रैल को ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती कर सकता है. लंबी अवधि के लिहाज से शाह ने कहा कि FY26 में रेपो रेट को 5.5% देखने को मिल सकता है.

5 साल बाद फरवरी में घटी थी दरें
रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा कमिटी ने फरवरी की मीटिंग में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती का ऐलान किया था. यह 5 साल बाद ब्याज दरों में कटौती थी. इसके तहत MPC ने दरों को 0.25% घटाकर 6.25% कर दी. दरअसल, एनलिस्ट्स का मानना है कि रिटेल महंगाई कम होने की वजह से दरों को घटाया जा सकता है. यह फरवरी में 7 महीने के सबसे निचले स्तर 3.61% पर फिसल गया. ICRA के रिसर्च हेड अदिति नायर ने कहा कि FY26 में एवरेज CPI इनफ्लेशन 4.2% रहने का अनुमान है. इसी वजह से ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की जा सकती है.
HDFC बैंक ने दी राहत!
रेपो रेट पर फैसला आने से पहले HDFC बैंक ने बड़ा ऐलान किया है. एचडीएफसी बैंक ने अपने करोड़ों ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया. इसके तहत बैंक ने सभी पीरियड के लिए MCLR (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट) को 10 बेसिस पॉइंट्स यानी 0.10% तक घटा दिया है. बता दें कि MCLR घटने से आपके होन लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई कम हो जाएगी. बैंक की ओर से जारी नई दरें 7 अप्रैल से लागू हो चुके हैं.


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