RBI आज सुबह 10:00 बजे अपनी मॉनेटरी पॉलिसी के नतीजों का ऐलान करेगा। बाजार को उम्मीद है कि बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट जैसे रेट-सेंसिटिव सेक्टर्स में आज भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ब्याज दरों को लेकर मिलने वाले संकेतों के चलते निवेशकों के लिए यह मीटिंग बेहद अहम है, क्योंकि ऐसी घोषणाओं के बाद अक्सर मार्केट में तेज हलचल शुरू हो जाती है।
RBI गवर्नर के भाषण के दौरान आमतौर पर बैंक और NBFC शेयर ही मार्केट रिएक्शन को लीड करते हैं। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि इस समय उन ट्रेड्स पर फोकस करें जहां भरोसा ज्यादा हो और जो मार्केट के सेंटिमेंट के साथ मेल खाते हों। फिलहाल प्राइवेट बैंकों में अच्छी तेजी दिख रही है, वहीं सरकारी (PSU) बैंकों में वैल्यू नजर आ रही है। अगर सेंट्रल बैंक ब्याज दरों को स्थिर रखता है, तो रेट-सेंसिटिव शेयरों में रैली आ सकती है। शॉर्ट-टर्म मार्केट की दिशा समझने के लिए निवेशकों को लिक्विडिटी पर आने वाली कमेंट्री पर भी नजर रखनी चाहिए।

RBI पॉलिसी के दौरान बैंकिंग और NBFC शेयरों की रणनीति
बैंकिंग सेक्टर में SBI और ICICI Bank 'लॉन्ग पोजीशन' के लिए टॉप पिक्स हो सकते हैं। वहीं NBFCs की बात करें तो बजाज फाइनेंस क्विक प्रॉफिट के लिए रडार पर रहेगा। SBI में मौजूदा स्तरों के पास एंट्री ली जा सकती है, लेकिन स्टॉप-लॉस का सख्त ध्यान रखें। टारगेट प्राइस को रेजिस्टेंस लेवल के हिसाब से सेट करना बेहतर होगा। पॉलिसी के शुरुआती रिएक्शन के दौरान ये शेयर रिस्क और रिवॉर्ड के लिहाज से काफी संतुलित नजर आ रहे हैं।
| Stock Name | Potential Action | Target Price |
|---|---|---|
| SBI | Long Buy | 925 - 940 |
| Bajaj Finance | Intraday Long | 7350 - 7480 |
| Maruti Suzuki | Trend Following | 12600 - 12850 |
आज के मार्केट सेशन में ऑटो और रियल्टी शेयरों का हाल
ब्याज दरों में किसी भी बदलाव का सबसे सीधा असर ऑटो और रियल्टी सेक्टर पर पड़ता है। आज मारुति और गोदरेज प्रॉपर्टीज जैसे बड़े शेयरों में हलचल दिख सकती है। इसके अलावा वरुण बेवरेजेस और ग्रेविटा इंडिया पर भी नजर रखें क्योंकि आज इनकी एक्स-डेट (ex-date) है। पॉलिसी की उठापटक के बीच ये शेयर ट्रेडिंग के अलग मौके दे सकते हैं। इंट्राडे रिस्क को मैनेज करने के लिए ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन का साइज बहुत सोच-समझकर तय करना चाहिए।
पॉलिसी अपडेट के बाद निवेशकों को RBI के पूरे ट्रांसक्रिप्ट को ध्यान से पढ़ना चाहिए। अक्सर दोपहर के सत्र में ही इंस्टीट्यूशनल ट्रेंड्स साफ होते हैं, जिससे क्लोजिंग प्राइस तय होती है। बाजार के उतार-चढ़ाव में अपनी पूंजी बचाने के लिए स्टॉप-लॉस लगाना बेहद जरूरी है। ट्रेंड कन्फर्म करने के लिए सुबह 10:05 बजे के प्राइस एक्शन पर नजर रखें। आज के बाजार में वही कामयाब होगा जो धैर्य रखेगा और खबर आते ही तेजी से फैसला लेगा।


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