IDBI Bank's sale process will speed up: आरबीआई आईडीबीआई बैंक को लेकर इस महीने के अंत तक बड़ा फैसला ले सकता है। ध्यान रहे कि आईडीबीआई बैंक को सरकार बेचने की योजना पर काम कर रही है। यह प्रक्रिया जारी है।
मीडिया में आई खबरों के अनुसार सरकारी सूत्रों ने बतया है कि आरबीआई की तरफ से आईडीबीआई बैंक के संभावित खरीदारों की जांच की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया में तेजी लाने और इसे अक्टूबर के अंत तक पूरा करने की उम्मीद है। इसके बाद आईडीबीआई बैंक की बहुमत हिस्सेदारी की बिक्री प्रक्रिया में तेजी लाने में मदद मिलेगी।

केन्द्र सरकार के पास आईडीबीआई बैंक की 45.48% हिस्सेदारी है। वहीं भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पास भी 49.24% हिस्सेदारी है। दोनों की हिस्सेदारी में से करीब 60.7% बेचने की योजना बनाई गई है।
कोटक महिंद्रा बैंक और सीएसबी बैंक के अलावा एमिरेट्स एनबीडी की तरफ से आईडीबीआई बैंक में बहुमत हिस्सेदारी हासिल करने के लिए अपनी प्रारंभिक बोली जमा कराई गई हैं। इसके बाद अब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अप्रैल में 'फिट एंड प्रोपर मानदंड' के रूप में जानी जाने वाली जांच प्रक्रिया शुरू की।
किसी इकाई को बैंक चलाने की अनुमति देने से पहले मूल्यांकन पूरा करने में आरबीआई को आम तौर पर लगभग 12-18 महीने लगाता है। नाम न छापने की शर्त पर दो सरकारी अधिकारियों में से एक ने कहा है कि सरकार के साथ चर्चा में, आरबीआई ने बताया है कि उचित मूल्यांकन महीने के अंत तक पूरा हो जाएगा।
दोनों अधिकारियों ने कहा कि जांच प्रक्रिया को जल्दी पूरा करने से सरकार को जनवरी-मार्च में बोलियां आमंत्रित करने की अनुमति मिल सकती है, जिससे मार्च के अंत तक बिक्री को पूरा करने का लक्ष्य रखा जा सके।
आईडीबीआई बैंक की हिस्सेदारी बिक्री वित्त वर्ष 2024 के लिए सरकार के 510 बिलियन रुपये (6.13 बिलियन डॉलर) के विनिवेश लक्ष्य का हिस्सा है।
एक बार जब आरबीआई स्क्रीनिंग समाप्त हो जाती है, तो सरकार उपयुक्त बोलीदाताओं को गोपनीय डेटा तक पहुंच प्रदान करेगी। जिसे आईडीबीआई बैंक ने एकत्र करना शुरू कर दिया है। इसमें कर्मचारियों की पेंशन राशि और बीमा या चिकित्सा कवर जैसी जानकारियां शामिल होती हैं।


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