US Fed Rate Cut; RBI Repo Rate Cut : अमेरिकी फेडरल बैंक द्वारा बुधवार (17 सितंबर) को ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती के बाद अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा इसी साल एक और बार रेपो रेट में कटौती की संभावना बढ़ गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आरबीआई फिर से रेपो रेट घटा सकता है।
गोल्डमैन सैक्स के चीफ इंडिया इकनॉमिस्ट शांतनु सेनगुप्ता के मुताबिक, यह कटौती दिसंबर में हो सकती है। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति नियंत्रण में है और खाद्य पदार्थों की कीमतें कम हुई हैं, जिससे RBI के पास और रियायत देने का मौका है।

गोल्डमैन सैक्स के चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट शांतनु सेनगुप्ता ने मिंट के साथ बातचीत में कहा है कि इस साल के अंत तक मुद्रास्फीति लगभग 3% और 2026 की शुरुआत में 4% के आसपास रहने का अनुमान है। बता दें कि RBI ने वित्तीय वर्ष 2026 की शुरुआत में अप्रैल में 25 बेसिस पॉइंट और जून में 50 बेसिस पॉइंट की कटौती कर रेपो रेट को 5.5% किया था, हालांकि अगस्त की बैठक में बिना किसी बदलाव के इतना पर ही बरकरार रखा गया।
भारत की विकास दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान
सेनगुप्ता ने कहा कि मजबूत उपभोग और कर सुधारों की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था मध्यम अवधि में 6.5% से 7% की स्थिर दर से बढ़ने की उम्मीद है, हालांकि बाहरी जोखिम अब भी बने हुए हैं। उन्होंने कहा, "हाल में आयकर और जीएसटी दरों में कटौती जैसे नीतिगत बदलावों ने उपभोग बढ़ाने में मदद की है। लेकिन दूसरी ओर, बाहरी जोखिम, खासकर टैरिफ (आयात शुल्क) से जुड़ी अनिश्चितताएं अब भी हैं।"
बता दें कि RBI ने वित्त वर्ष 2026 के लिए विकास दर 6.5% रहने का अनुमान जताया है। वहीं, एशियाई विकास बैंक ने टैरिफ और नीतिगत जोखिमों के कारण अपने अनुमान को घटाकर 6.5% कर दिया है, जबकि आईएमएफ ने घरेलू मजबूती और वैश्विक परिस्थितियों में सुधार के कारण अपने अनुमान को बढ़ाकर 6.4% कर दिया है।
सेनगुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार का पूंजीगत व्यय जीडीपी के अनुपात में अपने शिखर (FY24 में 3.2%) पर पहुंच चुका है और राजकोषीय कंसोलिडेशन की वजह से इसे और बढ़ाने की ज्यादा गुंजाइश नहीं है। निजी कैपेक्स के मामले में, कॉर्पोरेट और बैंकों का बैलेंस शीट मजबूत है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता की वजह से निवेश रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि नीतिगत या टैरिफ को लेकर अनिश्चितता निवेश की विकास दर को लगभग 1 प्रतिशत अंक तक कम कर सकती है।
US Fed ने 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की
अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा भारतीय समयानुसार बुधवार (17 सितंबर) देर रात ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट यानी 0.25 प्रतिशत घटाने का ऐलान किया गया। यह 2025 की और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की पहली कटौती है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने दो दिन की बैठक के बाद ब्याज दरों में कटौती के फैसले की घोषणा की, जिसके बाद इंटरेस्ट रेट 4 प्रतिशत से 4.25 प्रतिशत के बीच रहेगा।
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