Pm Jan Dhan Account Re Kyc: प्रधानमंत्री जनधन योजना ने देश के लाखों-करोड़ों लोगों को बैंकिंग सर्विसों से जोड़ा है। इस योजना के शुरू होने के बाद से गरीब और ग्रामीण वर्ग तक भी बैंक खाता पहुंचा है। अब जबकि इस योजना के 10 साल पूरे हो गए हैं, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने खाताधारकों के लिए एक नया नियम लागू किया है। इसके तहत सभी जनधन खातों की री-केवाईसी (Re-KYC) अनिवार्य कर दी गई है।

क्यों जरूरी है री-केवाईसी?
री-केवाईसी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके जरिए बैंक खाताधारक की पहचान और पते की जानकारी को अपडेट करता है। समय-समय पर यह जरूरी इसलिए होता है ताकि खाते से जुड़ी सभी डिटेल्स सही और एक्टिव रहें। अगर किसी खाताधारक का पता बदल गया है या मोबाइल नंबर अपडेट करना है, तो यह प्रक्रिया मददगार साबित होती है। इसके अलावा इससे धोखाधड़ी की आशंका भी कम हो जाती है।
55 करोड़ से ज्यादा खाते बने
प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरुआत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बैंकिंग से जोड़ने के मकसद से हुई थी। इस योजना के तहत अब तक 55 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं। इस खाते की खास बात यह है कि इसमें न्यूनतम बैलेंस रखने की कोई अनिवार्यता नहीं है। साथ ही, जनधन खाता धारक आसानी से अलग-अलग सरकारी योजनाओं का फायदा भी उठा सकते हैं।
कब तक पूरी करनी होगी प्रक्रिया?
RBI ने री-केवाईसी की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2025 तय की है। इसके लिए 1 जुलाई 2025 से ही देशभर में पंचायत स्तर पर कैंप लगाए जा चुके हैं। जिन लोगों का जनधन खाता है, वे अपने नजदीकी कैंप में जाकर इस प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।
री-केवाईसी में क्या-क्या दस्तावेज लगेंगे?
री-केवाईसी कराने के लिए खाताधारकों को कुछ पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज साथ ले जाने होंगे। इनमें शामिल हैं:
आधार कार्ड
वोटर आईडी कार्ड
पासपोर्ट
ड्राइविंग लाइसेंस
इन्हीं दस्तावेजों को पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर स्वीकार किया जाएगा।
समय पर न कराने पर दिक्कतें
अगर कोई खाताधारक तय तारीख तक री-केवाईसी नहीं कराता है, तो उसके खाते से जुड़ी कुछ सर्विसें बाधित हो सकती हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आखिरी तारीख का इंतजार न करें और जल्द से जल्द इस प्रोसेस को पूरा कर लें।


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