RBI का नया कदम! अब आसान होगी KYC प्रक्रिया, ग्राहकों को मिलेगी राहत

RBI KYC: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने केवाईसी यानी अपने ग्राहक को जानो प्रक्रिया को और आसान बनाने का फैसला लिया है। शुक्रवार को जारी किए गए एक ड्राफ्ट सर्कुलर के ज़रिए आरबीआई ने प्रस्ताव दिया है कि बैंक ग्राहकों के लिए केवाईसी अपडेट करने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा।

इसका उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग पर लगाम लगाना और उन ग्राहकों की परेशानी को कम करना है जिन्हें बार-बार केवाईसी के लिए बैंक के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

RBI KYC

क्या है KYC और क्यों है जरूरी?

KYC का मतलब होता है "Know Your Customer" यानी "अपने ग्राहक को पहचानो"। बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाएं KYC के ज़रिए यह तय करती हैं कि उनके ग्राहक कौन हैं, उनका पता क्या है, और उनके खाते में हो रहे लेनदेन कानूनी हैं या नहीं। इसके बिना न तो नया बैंक खाता खुल सकता है और न ही पुराने खाते में कुछ विशेष सुविधाएं दी जा सकती हैं।

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क्यों आया यह बदलाव?

RBI ने बताया कि बड़ी संख्या में बैंक खातों का केवाईसी अपडेट नहीं हुआ है। खासकर वे खाते जो सरकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY), डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), और इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर (EBT) के तहत खोले गए हैं। इससे लाभार्थियों को समय पर पैसे नहीं मिल पाते और शिकायतें बढ़ जाती हैं।

बैंक ग्राहकों ने RBI से शिकायत की थी कि उन्हें केवाईसी के लिए बार-बार बैंक जाना पड़ता है और अक्सर प्रक्रिया लंबी होती है। इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए RBI ने यह कदम उठाया है।

क्या-क्या बदलेगा?

ग्राहकों को पहले से सूचना

अब बैंकों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे अपने ग्राहकों को केवाईसी अपडेट की ज़रूरत के बारे में कम से कम तीन बार पहले से सूचना दें। यह सूचना SMS, ईमेल या अन्य माध्यमों से दी जा सकती है।

वीडियो से भी कर सकेंगे केवाईसी

अगर बैंक के पास V-CIP (Video Customer Identification Process) की सुविधा है, तो ग्राहक घर बैठे ही वीडियो कॉल के ज़रिए अपना KYC अपडेट कर सकेंगे। इससे खासकर बुजुर्गों, विकलांगों और दूरदराज़ के इलाकों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

बिजनेस कॉरस्पोंडेंट की मदद

जहां इंटरनेट या डिजिटल सुविधा नहीं है, वहां बैंक के अधिकृत प्रतिनिधि यानी बिजनेस कॉरस्पोंडेंट जाकर ग्राहकों का KYC अपडेट कर सकेंगे। इससे ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में बैंकिंग सेवा को और मजबूती मिलेगी।

डॉर्मेंट खातों पर फोकस

जो खाते कई सालों से इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं (डॉर्मेंट अकाउंट्स) उनके लिए भी अब KYC अपडेट की सुविधा हर शाखा में उपलब्ध करानी होगी ताकि जरूरत पड़ने पर खाताधारक उसे फिर से चालू कर सकें।

बदलाव कब होंगे लागू?

RBI ने फिलहाल इन बदलावों को ड्राफ्ट के रूप में जारी किया है और सभी हितधारकों से 6 जून 2025 तक सुझाव मांगे हैं। उसके बाद इन बदलावों को अंतिम रूप दिया जाएगा और पूरे देश में लागू किया जाएगा।

ग्राहकों के लिए फायदेमंद कदम

इस कदम से करोड़ों ग्राहकों को फायदा होगा, खासकर उन लोगों को जो सरकारी योजनाओं से जुड़े हैं या जिनके पास डिजिटल साधनों की कमी है। KYC की प्रक्रिया को आसान और ट्रांसपेरेंसी बनाने से बैंकिंग प्रणाली में भरोसा भी बढ़ेगा।

RBI का यह नया प्रस्ताव ग्राहकों की सुविधा और देश की आर्थिक ट्रांसपेरेंसी दोनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है। अगर यह ड्राफ्ट पास हो जाता है तो आने वाले समय में बैंकिंग करना और भी आसान हो जाएगा।

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