नई दिल्ली, अप्रैल 7। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा इस साल की शुरुआत में केंद्रीय बजट 2022-23 में घोषित 'डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स' (डीबीयू) की स्थापना के लिए दिशानिर्देश जारी किए। केंद्रीय बजट 2022-23 में वित्त मंत्री ने देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर 75 जिलों में 75 डीबीयू स्थापित करने की घोषणा की थी। बजट घोषणा के तहत डीबीयू की स्थापना के लिए एक रोडमैप तैयार करने के लिए रिजर्व बैंक द्वारा डीबीयू की स्थापना के लिए एक समिति' का गठन किया गया था। इस समिति ने आवश्यक परामर्श और विचार-विमर्श के बाद डीबीयू के विभिन्न पहलुओं पर अपनी सिफारिशें दी हैं। इनमें डिजिटल बैंकिंग यूनिट मॉडल, डीबीयू में दी जाने वाली सुविधाएं, डीबीयू के कामकाज की निगरानी, साइबर सुरक्षा और अन्य आईटी से संबंधित फैक्टर, डिजिटल बैंकिंग जागरूकता के प्रसार में डीबीयू की भूमिका आदि शामिल हैं।

सिफारिशों पर तैयार हुए दिशानिर्देश
आरबीआई ने एक बयान में कहा है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर, 'डिजिटल बैंकिंग इकाइयों की स्थापना' पर दिशानिर्देशों को अंतिम रूप दिया गया है। डिजिटल बैंकिंग यूनिट डिजिटल बैंकिंग उत्पादों और सेवाओं को डिलिवर करने के साथ-साथ मौजूदा वित्तीय उत्पादों और सेवाओं को डिजिटल रूप से सेवा देने के लिए एक विशेष निश्चित बिजनेस पॉइंट / हब है। ये स्व-सेवा और सहायता मोड दोनों में, ग्राहकों को एक कॉस्ट-एफिशिएंट, पेपरलेस, सुरक्षित और कनेक्टेड एंवायरमेंट में उत्पादों और सेवाओं को डिजिटली अनुभव प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।
मानी जाएंगी बैंकिंग आउटलेट
आरबीआई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, बैंकों की डिजिटल बैंकिंग इकाइयों को बैंकिंग आउटलेट के रूप में माना जाएगा। इनमें मिलने वाली अधिकांश सेवाएं किसी भी समय पूरे वर्ष उपलब्ध होंगी। आप सेल्फ सर्विस मोड में इनका इस्तेमाल कर सकेंगे। आरबीआई ने अपने विस्तृत दिशानिर्देशों में उल्लेख किया है कि पिछले डिजिटल बैंकिंग अनुभव वाले सभी शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों (आरआरबी, पीबी और एलएबी के अलावा) को टियर 1 से टियर 6 केंद्रों में डीबीयू खोलने की अनुमति है।


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