RBI Penalty on HDFC Bank: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने HDFC बैंक पर नो योर कस्टमर (KYC), इंटरेस्ट रेट और आउटसोर्सिंग कम्प्लायंस से जुड़े नियमों के उल्लंघन के लिए 91 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। RBI ने 31 मार्च, 2024 तक लेंडर की फाइनेंशियल स्थिति के रेफरेंस में बैंक का सुपरवाइजरी इवैल्यूएशन के लिए स्टैच्युटरी इंस्पेक्शन (ISE 2024) किया था।

RBI ने क्यों लगाया जुर्माना?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा कि उसने HDFC बैंक लिमिटेड पर बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के नियमों का उल्लंघन करने और एडवांस पर ब्याज दरों, फाइनेंशियल सर्विसेज की आउटसोर्सिंग और नो योर कस्टमर (KYC) नियमों पर RBI के निर्देशों का पालन न करने के लिए 91 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। RBI ने कहा कि बैंक पर जुर्माना इसलिए लगाया गया है क्योंकि उसने एक ही लोन कैटेगरी के लिए कई बेंचमार्क इस्तेमाल किए, एक सब्सिडियरी को बिना इजाजत वाला बिजनेस करने दिया और KYC कम्प्लायंस चेक बाहरी एजेंट को आउटसोर्स कर दिया। जुर्माना आदेश 18 नवंबर, 2025 को अधिनियम की धारा 46(4)(i) के साथ धारा 47ए(1)(सी) के तहत जारी किया गया था।
बता दें कि यह कार्रवाई सुपरवाइजरी इवैल्यूएशन के लिए स्टैच्युटरी इंस्पेक्शन के बाद की गई है, जिसमें 31 मार्च, 2024 तक बैंक की स्थिति का रिव्यू किया गया था। सुपरवाइजरी फाइंडिंग्स के आधार पर, RBI ने HDFC बैंक को कारण बताओ नोटिस जारी किया और कार्रवाई करने से पहले जवाब और अतिरिक्त सबमिशन की जांच की।
बैंक ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
हालांकि, RBI ने साफ किया कि पेनल्टी सिर्फ कम्प्लायंस के मामलों पर है, कस्टमर ट्रांजैक्शन पर नहीं। ऑर्डर में कहा गया है कि इस कार्रवाई का मकसद बैंक के अपने कस्टमर्स के साथ किए गए किसी भी ट्रांजैक्शन या एग्रीमेंट की वैलिडिटी पर असर डालना नहीं है। इसमें यह भी कहा गया है कि यह पेनल्टी RBI के बैंक के खिलाफ शुरू की जाने वाली किसी भी दूसरी कार्रवाई पर कोई असर नहीं डालेगी।


Click it and Unblock the Notifications