नई दिल्ली, जुलाई 10। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) बैंकों के काम करने के तरीकों को अब बहुत ही गौर से देख रहा है। यही कारण है कि बैकों की जरा सी गलती पर वह जुर्माना लगा देता है। यहीं नहीं अगर बैंक ज्यादा ही लापरवाह हैं तो उनके उस पर प्रतिबंध भी लगा देता है। यही कारण है कि पिछले कुछ समय से बैंकों के बंद होने की संख्या तेजी से बढ़ी है। एक बार जब आरबीआई बैंक को बंद करने का फैसला लेता है, तो उसके बाद जमाकर्ता पैसों की वापसी के लिए काफी परेशान होते हैं। इसके बाद कई बार तो पूरा जमा पैसा वापस भी नहीं मिल पाता है। आइये जानते हैं कि इस बार आरबीआई ने जिन चार बैकों पर प्रतिबंध लगाए हैं, उन बैंकों से जमाकर्ता पैसा निकाल पाएंगे या नहीं।
ये चारों बैंक को-ऑपरेटिव बैंक हैं
आरबीआई ने जमाकर्ताओ के हित में 4 को-ऑपरेटिव बैंक पर कड़ी कार्रवाई की है। आरबीआई ने इन चारों को-ऑपरेटिव बैंक की खराब वित्तीय स्थिति को देखते हुए कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। जिन 4 को-ऑपरेटिव बैंक पर कार्रवाई की गई है उनमें दिल्ली का रामगढ़िया को-ऑपरेटिव बैंक, मुंबई का साहेबराव देशमुख को-ऑपरेटिव बैंक, सांगली को-ऑपरेटिव बैंक और कर्नाटक का शारदा महिला को-ऑपरेटिव बैंक शामिल है।
जानिए क्या क्या प्रतिबंध लगाए हैं
आरबीआई ने इन चारों को-ऑपरेटिव बैंकों पर 6 महीने का प्रतिबंध लगाया है। यह प्रतिबंध 8 जुलाई 2022 से लागू किए गए हैं। आरबीआई के अनुसार बैंकों पर ये प्रतिबंध बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत लगाए गए हैं। आरबीआई की तरफ से जारी नोटिस के अनुसार आरबीआई की पूर्व स्वीकृति के बिना ये चारों को-ऑपरेटिव बैंक कोई ऋण (लोन या कर्ज) नहीं दे सकते हैं। इसके अलावा ये किसी भी लोन का नवीनीकरण नहीं कर सकते हैं। आरबीआई के निर्देश के तहत इन चारों को-ऑपरेटिव बैंकों के जमाकर्ताओं के लिए पैसों को निकालने की लिमिट भी तय की गई है।
जानिए किस को-ऑपरेटिव बैंक के ग्राहक कितना पैसा निकाल सकते
आरबीआई की तरफ से दी जानकारी के अनुसार रामगढ़िया को-ऑपरेटिव बैंक और साहेबराव देशमुख को-ऑपरेटिव बैंक के ग्राहक अधिकतम 50,000 रुपये ही निकाल सकते हैं। यहां पर यह बात ध्यान रखने की है कि पैसा चाहे जितना जमा हो, लेकिन निकला की छूट प्रति ग्राहक 50,000 रुपये तक की है। इसी प्रकार सांगली को-ऑपरेटिव बैंक से प्रति ग्राहक 45,000 रुपये तक निकालने की छूट दी गई है। वहीं शारदा महिला को-ऑपरेटिव बैंक के मामले में यह छूट केवल 7,000 रुपये तक की तय की गई है। हालांकि आरबीआई ने साफ किया है कि उसके निर्देशों को बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अगर यह बैंक अपना कामकाज सुधारते हैं तो उन पर से प्रतिबंध हटाए भी जा सकते हैं।
इन बैंकों पर जुर्माना भी लगाया
इसके अलावा आरबीआई ने सहकारी क्षेत्र के चार बैंकों नवजीवन कोऑपरेटिव बैंक, बलंगीर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, ढाकुरिया कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड कोलकाता और पलानी कोऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड पर जुर्माना भी लगाया है। यह जुर्माना 1 लाख रुपये से लेकर दो लाख रुपये तक का है।


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