नई दिल्ली, जुलाई 29। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने दो और बैंकों पर डंडा चला दिया है। इस बार यह बैंक महाराष्ट्र के नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के हैं। अब इन बैंकों के जहां कई कामकाज पर रोल लगाई गई है, वहीं इस बैंकों के खाताधारक अपना पूरा पैसा भी निकाल पाएंगे। आरबीआई ने इन बैंकों से पैसों की निकासी की सीमा तय कर दी है। खाताधारकों का चाहे जितना भी पैसा इन बैंकों में जमा हो, लेकिन यह पैसा आरबीआई की तय सीमा में ही निकाल पाएंगे। आइये जानते हैं कि यह दोनों बैंक कौन से हैं और अब खाताधारक अधिकतम कितना पैसा निकाल पाएंगे।
ये हैं दोनों बैंकों के नाम
आरबीआई ने उत्तर प्रदेश के जिन 2 सहकारी बैंकों पर रोक लगाई है, उनके नाम हैं लखनऊ शहरी सहकारी बैंक और शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड, सीतापुर हैं। इन दो बैंकों पर आरबीआई ने कई तरह के प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। फिलहाल बैंकिंग विनियमन अधिनियम के तहत प्रतिबंध 6 महीने के लिए लागू किया गया है। इस दौरान यह दोनों बैंक आरबीआई की अनुमति के बिना नया कर्ज नहीं दे सकते हैं और न ही कोई निवेश नहीं कर सकते हैं।
जानिए किस बैंक से कितना तक पैसा निकाल सकते हैं खाताधारक
आरबीआई ने लखनऊ शहरी सहकारी बैंक के लिए 30,000 रुपये की लिमिट तय की है। इस प्रकार इस इस बैंक के खाताधारकों का चाहे जितना भी पैसा जमा हो लेकिन इस बैंक के खाताधारक अधिकत 30 हजार रुपये की निकाल सकते हैं। वहीं दूसरी ओर शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड, सीतापुर के लिए यह लिमिट 50,000 रुपये की तय की गई है। यानी इस बैंक के खाताधारक अपने खाते से 50 हजार रुपये से ज्यादा नहीं निकाल पाएंगे।
क्यों की आरबीआई ने कार्रवाई
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से बैंकों पर ऐसी अनुशासनात्मक कार्रवाई लगातार की जा रही है। बैंकों पर नियमों का उल्लंघन करने और दूसरी वजहों से ऐसी कार्रवाई हो रही है। हाल ही में कुछ नेशनलाइज्ड बैंकों पर आरबीआई ने जुर्माना लगाया था। आरबीआई इससे पहले भी कई बैंकों पर प्रतिबंधों की घोषणा कर चुका है।


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