नई दिल्ली, मई 9। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) लगातार बैंकों के खिलाफ कठोर फैसले ले रहा है। बड़े बड़े बैंकों की जरा सी लापरवाही पर आरबीआई भारी जुर्माना लगा रहा है। वहीं आरबीआई ने कर्नाटक स्थित मिलथ को-ऑपरेटिव बैंक पर और भी कठौर फैसला लिकया है। आरबीआई ने इस बैंक पर लगाए गए प्रतिबंधों को तीन माह यानी 8 अगस्त, 2021 तक के लिए बढ़ा दिया है। आरबीआई के निदेशक के अनुसार, सहकारी बैंक आरबीआई के पूर्व अनुमोदन के बिना किसी भी प्रकार के लोन नहीं दे सकती है और न ही इसे रिन्यू नहीं कर सकती है। इसके अलावा यह बैंक कोई भी निवेश नहीं करेगा और न ही धनराशि उधार ले पाएगा। वहीं यह बैंक अब नए जमा भी स्वीकार नहीं कर सकता है।

खाताधारकों के पैसे फंसे
इसके अलावा, आरबीआई ने इस बैंक में प्रत्येक बचत या चालू खाते के साथ ही किसी भी अन्य जमा खाते से 1,000 रुपये की निकासी सीमा लगा दी है। ऐसे में इस बैंक के ग्राहक अपने खाते से केवल 1000 रुपये एक बार ही निकाल सकते हैं। एक प्रकार से बैंक के खाताधारकों के पैसे इस बैंक में फंस गए हैं। आरबीआई पहली बार के बाद से लगातार इस बैंक पर प्रतिबंध बढ़ाता जा रहा है।
कठोर प्रतिबंध लगाए गए
आरबीआई के अनुसार यह बैंक किसी भी समझौते या व्यवस्था में प्रवेश नहीं करेगा और न ही अपनी किसी भी संपत्ति की बिक्री या हस्तांतरण कर सकेगा। आरबीआई देश में बैंकों की वित्तीय स्थिति की निगरानी करता रहता है। और अगर जरूरत पड़ती है तो ऐसे ही कड़े कदम उठाता है। इससे पहले आरबीआई गरहा को-ऑपरेटिव बैंक लि पर भी प्रतिबंध लगा चुका है। इसके पहले, 19 फरवरी को कर्नाटक के एक सहकारी बैंक 'डेक्कन अर्बन को-अपरेटिव बैंक लिमिटेड' पर नया लोन देने को लेकर भी आरबीआई प्रतिबंध लगा चुका है। वहीं महाराष्ट्र के नासिक में इंडिपेंडेंस को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर भी प्रतिबंध लगा था।


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