नई दिल्ली, अप्रैल 8। देश में लगातार बैंकों के बंद होने का सिलसिला जारी है। आरबीआई ने एक और बैंक को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। इसके चलते अब यह बैंक न लोगों का पैसा जमा कर पाएगा, और नहीं जमा पैसा जमाधाकरों को दे पाएगा। एक प्रकार से इस बैंक में जमाधारकों का जमा पैसा फंस गया है। ऐसे में आइये जानते हैं कि यह कौन सा बैंक जो बंद किया गया है और ग्राहक जमा पैसा कैसे वापस पाएंगे या नहीं।
पहले जानिए यह बैंक कौन सा है
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 7 अप्रैल 2022 से बेंगलुरु के शुश्रुति सौहार्द सहकारा बैंक नियमिता पर कई तरह की पाबंदियों का ऐलान किया है। आरबीआई की इन पाबंदियों के तहत यह आदेश जारी किया गया है कि अब यह बैंक बिना आरबीआई की मंजूरी के नए लोन नहीं दे सकता है। इसके अलावा बैंक के जमाकर्ता भी अपना पूरा पैसा वापस नहीं निकाल सकते हैं। आरबीआई ने साफ किया है कि ग्राहक के खाते में चाहे जितना भी पैसा वह अपने खाते से अधिकतम 5000 रुपये ही निकाल सकता है।
जानिए इस बैंक पर अन्य पाबंदियां
इसके साथ ही बैंक ने जमाखाते में जमा पर रोक के अलावा किसी भी लोन के रिन्यूअल पर भी पाबंदी लगाई है। इसके अलावा आरबीआई ने यह भी साफ किया है कि अगर किसी ग्राहक के इस बैंक में एक से ज्यादा खाते हैं, तो भी ग्राहक अपने सभी खाते में से केवल 5000 रुपये ही निकाल सकता है। यह बैंक के ग्राहकों के लिए ज्यादा बड़ा झटका है।
फिलहाल 6 माह के लिए लागू हैं बंदिशें
आरबीआई ने अपने आदेश में साफ किया है कि इस बैंक पर यह बंदिशें अगले 6 माह के लिए लागू की जा रही हैं। इन 6 माह के दौरान बैंक को अपनी वित्तीय सेहत में सुधार होने तक पाबंदियों के साथ बैंकिंग कारोबार करने की अनुमति दी गई है। हालांकि आरबीआई ने कहा है कि अगर इस बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार होता है, तो इस पाबंदियों में तय समय पहले भी राहत दी जा सकती है।
कुछ दिन पहले 3 कोऑपरेटिव बैंकों पर लगा चुका है जुर्माना
वहीं बीते सोमवार को आरबीआई 3 कोऑपरेटिव बैंकों पर जुर्माना भी लगा चुका है। इस बैंकों पर यह जुर्माना नियमों का पालन न करने के कारण लगाया गया है। जिन 3 कोआपरेटिव बैंकों पर पेनाल्टी लगाई गई है, उनमें यशवंत कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, फलटान पर 2 लाख रुपए का जुर्मान लगाया गया है। वहीं कोकण मर्केंटाइन कोऑपरेटिव बैंक पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं कोलकाता के समता कोऑपरेटिव बैंक पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इन सभी बैंकों पर रेगुलेटरी नियमों का पालन न करने का आरोप है।


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