नई दिल्ली, नवंबर 25। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने एक और बैंक पर प्रतिबंध लगाए हैं। ये बैंक भी महाराष्ट्र का है। आरबीआई ने इस बार महाराष्ट्र के मलकापुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर प्रतिबंध लगाए हैं। वित्तीय स्थिति में गिरावट के कारण इस को-ऑपेरेटिव बैंक पर प्रतिबंद लगे हैं। आरबीआई ने खाताधारकों के लिए पैसा निकालने की लिमिट तय कर दी है। मलकापुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के खाताधारक खाते से 10,000 रुपये से अधिक पैसा नहीं निकाल सकेंगे। इसके अलावा भी आरबीआई की तरफ से बैंक पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं।
और क्या-क्या हैं प्रतिबंध
रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा है कि मलकापुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक आरबीआई की पहले से मंजूरी के बिना किसी भी लोन को रिन्यू नहीं करेगा, न कोई निवेश करेगा और न किसी लायबिलिटी को पूरा करेगा। मलकापुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक की मंजूरी के बिना कोई भुगतान भी नहीं कर सकेगा। आरबीआई ने अपने बयान में बचत या चालू खातों या जमाकर्ता के किसी अन्य खाते में कुल शेष राशि के 10,000 रुपये से अधिक की राशि को निकालने की अनुमति नहीं देने की भी बात कही है।
कब तक रहेंगे प्रतिबंध
आरबीआई के अनुसार बुधवार को कारोबार बंद होने से छह महीने तक प्रतिबंध लागू रहेंगे। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने कहा कि इस सहकारी बैंक को निर्देश जारी करने को बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। यानी मलकापुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस नहीं रद्द हुआ है।
चलता रहेगा कारोबार
बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक प्रतिबंधों के साथ बैंकिंग कारोबार करना जारी रखेगा। इस बात की जानकारी भी आरबीआई के बयान में दी गयी है। रिजर्व बैंक परिस्थितियों के आधार पर इन निर्देशों में संशोधन पर विचार कर सकता है। आरबीआई आगे चल कर हालात के हिसाब से प्रतिबंधों में ढील दे सकता है।
अन्य बैंकों पर प्रतिबंध
हाल ही में आरबीआई ने लक्ष्मी को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सोलापुर पर प्रतिबंध लगाए थे। उस बैंक में ग्राहकों के लिए निकासी की लिमिट सिर्फ 1,000 रुपये की गयी थी। आरबीआई ने बैंक की फाइनेंशियल स्थिति में गिरावट के कारण प्रतिबंध लगाए थे। आरबीआई ने एक बयान में कहा था कि बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत लगाए गए प्रतिबंध 12 नवंबर, 2021 को कारोबार बंद होने से छह महीने तक लागू रहेंगे और इनकी समीक्षा की जाती रहेगी।
नवंबर में ही तीसरा बैंक
मलकापुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक नवंबर महीने में ही महाराष्ट्र का तीसरा ऐसा को-ऑपरेटिव बैंक है, जिस पर प्रतिबंध लगे हैं। इससे पहले लक्ष्मी को-ऑपरेटिव बैंक और उससे पहले बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक पर प्रतिबंध लगाए गए थे। उस बैंक के ग्राहकों के लिए 5,000 रुपये से अधिक निकालने पर रोक थी। इससे पहले भी आरबीआई ने पिछले महीने महाराष्ट्र के वसई विकास सहकारी बैंक पर कुछ निर्देशों का पालन न करने के चलते 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। वहीं करीब डेढ़ महीने आरबीआई ने मुंबई में स्थित अपना सहकारी बैंक पर भी 79 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। बता दें कि बीते करीब 2 सालों में आरबीआई इस तरह की कार्रवाई कई बैंकों पर कर चुका है। इनमें अधिकतर महाराष्ट्र के को-ऑपरेटिव बैंक ही हैं।


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