नई दिल्ली, नवंबर 9। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक और बैंक पर कड़ाई की है। इसके चलते इस बैंक के ग्राहक अब अपना पूरा पैसा नहीं निकाल सकेंगे। यह बैंक कै महाराष्ट्र का बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक। आरबीआई ने इस बैंक पर कारोबारी पाबंदियां लगाई हैं। वहीं अब इस बैंक के ग्राहक 5,000 रुपये से अधिक नहीं निकाल सकेंगे। वहीं इससे 2 हफ्ते पहले आरबीआई ने महाराष्ट्र के वसई विकास सहकारी बैंक पर भी कुछ निर्देशों का पालन नहीं करने पर 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके अलावा 1 महीने आरबीआई ने मुंबई के अपना सहकारी बैंक पर भी 79 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
आरबीआई ने ये प्रतिबंध लगाए
आरबीआई के इन प्रतिबंधों के बाद बैंक 8 नवंबर 2021 के बाद से कोई नया लोन नहीं दे पाएगा। इसके अलावा यह बैंक आरबीआई की पूर्व अनुमति के बिना कोई नई जमा राशि स्वीकार कर पाएगा।
जानिए खाताधारकों के लिए क्या हैं प्रतिबंध
आरबीआई ने कहा है कि अब रह खाताधारक केवल 5,000 रुपये ही अपने बैंक खाते से निकाल पाएगा। आरबीआई के अनुसार बैंक की मौजूदा लिक्विडिटी स्थिति को देखते हुए, सभी बचत खातों, चालू खातों या जमाकर्ताओं के किसी भी दूसरे खाते की कुल राशि में से 5,000 रुपये से अधिक की राशि निकालने की इजाजत नहीं होगी। हालांकि जिन ग्राहकों के खाते से किसी लोन की किस्त कटती हैं, उन्हें शर्तों के तहत इसके सेटलमेंट की इजाजत दी जाएगी, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें होंगी।
बैंक का लाइसेंस रद नहीं हुआ
इसके अलावा आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसकी पाबंदियों को बैंकिंग लाइसेंस रद के रूप में नहीं देखना चाहिए। आरबीआई ने कहा कि बैंक अपनी वित्तीय सेहत में सुधार होने तक पाबंदियों के साथ बैंकिंग कारोबार जारी रख सकता है। वहीं रिजर्व बैंक परिस्थितियों के आधार पर समय-समय पर इन निर्देशों में संशोधन कर सकता है।
कब तक लागू रहेंगे यह प्रतिबंध
आरबीआई ने कहा कि यह पाबंदियां 8 नवंबर 2021 को बैंक का कारोबार बंद होने के बाद से लागू हो गई हैं। वहीं यह पाबंदियां आगामी 6 माह के लागू की गई हैं। अगर बैंक इस दौरान अच्छी प्रगति दिखाता है तो इन पाबंदियों में ढील भी मिल सकती हैं।


Click it and Unblock the Notifications