RBI का झटका : जानिए कितना बढ़ सकती है आपके लोन की किस्त, कैसे कर सकते हैं मैनेज

नई दिल्ली, सितंबर 30। वैश्विक इकोनॉमिक उथल-पुथल के बीच उम्मीद थी की आरबीआई रेपो दरों में बढ़ोत्तरी करेगा। आज आरबीआई ने रेपो दर में 0.50 फीसदी का इजाफा किया है। इस साल मई में पहली बार आरबीआई ने रेपो दर में बदलाव किया था तब से यह चौथी बार है जब रेपो दर में बढ़ोत्तरी की गई है। आरबीआई के रेपो दर बढ़ाने की वजह है महंगाई। अभी भी महंगाई रिजर्व बैंक के टारगेट से ज्यादा है। महंगाई पर काबू पाने के लिए बैंक पूरी कोशिश कर रहा है। अमेरिका समेत यूरोप के तमाम देश ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी कर रहे हैं।

आरबीआई ने रेपो दरों को बढ़ाने का किया है ऐलान

आरबीआई ने रेपो दरों को बढ़ाने का किया है ऐलान

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज सुबह 10 बजे रेपो दर को बढ़ाने का ऐलान किया। गवर्नर ने बताया कि रेपो रेट में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी 6 में से 5 सदस्यों ने सहमती दी है।

महंगा हो जाएगा लोन

महंगा हो जाएगा लोन

रेपो दरों में बढ़ोत्तरी के बाद अब बैंकों से लोन लेना महंगा हो जाएगा। लोन के साथ-साथ घर, कार सहित अन्य सभी लोन की ईएमआई भी बढ़ जाएगी। सभी बैंक और लोन देने वाले संस्थान रेपो दर को ब्याज दर तय करने का बेंचमार्क मानते हैं। रेपो दर बढ़ने से लोन के ब्याज दर में बढोत्तरी होती है और घटने से ब्याद दर कम होता है।

रेपो रेट बढ़ने से आपके कार लोन की ईएमआई भी बढ़ जाएगी। एक उदाहरण से इसे समझते हैं मान लिजिए आपने10 लाख रुपये का कार लोन 5 साल के पास कराया है। जब आपने कराया था तो इसका ब्याज दर 8.5 प्रतिशत था। इस रेट पर आपकी ईएमआई हर महीने 20,516 रुपये बनती थी। अब रेपो रेट बढ़ने के बाद इंटरेस्ट रेट 9 फीसदी हो जाएगा और आपकी ईएमआई बढ़कर 20,758 रुपए हो जाएगी। बढ़े हुए ब्याज दर के प्रभावो से  बचने के लिए आपको अपने मासिक ईएमआई में बढ़ोत्तरी कर देना चाहिए, जिससे आपकों ज्यादा ब्याज नहीं भरना पड़ेगा।

सभी ग्राहकों पर पड़ेगा असर

सभी ग्राहकों पर पड़ेगा असर

आरबीआई के रेपो रेट बढ़ाने के फैसले का असर लोन लेने वाले नए और पुराने दोनों ग्राहकों पर पड़ेगा। जिन ग्राहकों ने फ्लोटिंग रेट पर होम लोन लिया था। उनकी ईएमआई बढ़ जाएगी। जो लोग अभी लोन लेने की सोच रहे हैं उनके लिए लोन पर लगने वाला ब्याज दर बढ़ जाएगा।

28 सितंबर को हुई थी मीटिंग

आरबीआई ने 28 सितंबर को मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक की शुरूआत की थी। बैठक के परिणाम आज यानी की 30 सितंबर को घोषित किया गया। इस साल मई में पहली बार आरबीआई ने रेपो दर में बदलाव किया था तब से यह चौथी बार है जब रेपो दर में बढ़ोत्तरी की गई है। आरबीआई के रेपो दर बढ़ाने की वजह है महंगाई। अभी भी महंगाई रिजर्व बैंक के टारगेट से ज्यादा है। बढोत्तरी के बाद रेपो दर 5.90 फीसदी पर पहुंच गया है। इस साल आरबीआई ने रेपो दरों में 1.40 प्रतिशत की कुल बढ़ोत्तरी की है।

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