RBI Governor: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास का कार्यकाल पूरा हो गया है, 10 दिसंबर यानी मंगलवार को पूरा हो गया है। शक्तिकांत दास ने 25 गवर्नर के रूप में रिजर्व बैंक में शपथ ली थी, उन्होंने 6 साल का अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है। उन्होंने देश में हमेशा वित्तीय संकट से बचाया है।

सरकार ने सोमवार शाम रिजर्व बैंक के 26 वें गवर्नर के नाम की घोषणा कर दी, जिसमें संजय मल्होत्रा के नाम पर मुहर लगाई है। हालांकि, कहा जा रहा था कि शक्तिकांत दास को एक और कार्यकाल मिल सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस समय संजय मल्होत्रा राजस्व सचिव का पद पर मौजूद हैं।
दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की, हालांकि शक्तिकांत दास रिजर्व बैंक के गवर्नर बनने से पहले राजस्व और आर्थिक मामलों के विभाग में सचिव के पद पर तैनात थे। साल 2018 में ऊर्जित आर पटेल के पद छोड़ने के बाद दास 12 दिसंबर 2018 को गवर्नर बनाए गए थे। हालांकि, उन्होंने देश में कोविड-19 महामारी जैसे समय में देश को सही तरीके से संभाले रखा।
शक्तिकांत दास रिजर्व बैंक के गवर्नर रहने के दौरान में उनके सामने कई चीजें आई लेकिन उन्होंने वित्तीय स्थिरता सही से संभाले रखा, यूक्रेन-रूस और इजरायल-हमास जैसे युद्ध भी उन्होंने देखे लेकिन दास ने सभी चुनौती को संभाला। कोविड-19 महामारी के दौरान दास के नेतृत्व में रिजर्व बैंक ने सही कदम उठाए।
हालांकि, ऐसे समय में केंद्रीय बैंक के ज्यादातर फैसले एक समय के लिए थे। वहीं इन फैसलों को खत्म करने से बाजार में किसी भी तरह के बदलाव नहीं हुए सभी काम सही तरीके से होते रहे। वहीं बैंक ऐसेट मेनेजमेंट कार्यक्रम को सेकेंडरी मार्केट की सरकारी प्रतिभूतियों तक सीमित रखा। इस चीज को करने से राजकोषीय घाटे के प्रबंधन में सहायता मिलती है।
दास ने देश ही बल्कि वैश्विक स्तर पर नाम कमाया उन्हे उन तीन सर्वोच्च केंद्रीय बैंक गवर्नरों में शामिल किया गया जिन्हें एप्लस श्रेणी मिली। दास को अमेरिका की ग्लोबल फाइनैंस मैगजीन ने लगातार दो साल तक साल का सर्वश्रेष्ठ केंद्रीय बैंकर सिलेक्ट किया। इस श्रेणी को इस तरह तय किया जाता है, जिसमें मुद्रास्फीति नियंत्रण, आर्थिक वृद्धि के लक्ष्यों, मुद्रा स्थिरता और ब्याज दर को देखकर तय किया जाता है।
दास के कार्यकाल में भी पहले की तरह बचा कर्ज भी सितंबर 2024 में 2.59 फीसदी रहा जो पिछले कई सालों से सेम स्तर पर था। हालांकि, इस समय विशुद्ध फंसे कर्ज का अनुपात भी घटकर 0.56 फीसदी रहा। लेकिन दास के कार्यभार लेते समय लिस्टेड बैंकों सकल एनपीए 10.38 फीसदी था, वहीं अड्वान्स विशुद्ध एनपीए 4.50 फीसदी था।
More From GoodReturns

Gold Price Today: 4 सितंबर को सोने की कीमतों में मामूली बढ़त, जानें 22 और 24 कैरेट का ताजा रेट

FD की नई दरें: इन 4 बैंकों में सीनियर सिटीजन्स को मिल रहा 8.30% तक ब्याज, जानें निवेश का सही तरीका

399 रुपये से कम में बेस्ट OTT प्लान: Jio, Airtel और Vi में से कौन सा है पैसा वसूल?

Vi का 859 रुपये वाला धांसू प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी और अनलिमिटेड डेटा, क्या आपको मिला यह ऑफर?

LIC की नई पॉलिसी लॉन्च: 'बीमा प्लेटिनम' और 'जीवन रक्षा' में से कौन सी है आपके लिए बेस्ट?

पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: आज आपके शहर में क्या है कीमत? जानें पूरा गणित

IMD अलर्ट: भारी बारिश में गाड़ी-घर का नुकसान? क्लेम पाने का आसान तरीका

9 सितंबर को सोने के दाम: क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा भाव

Gold and Silver Price Today: 7 सितंबर को सोने-चांदी के भाव क्या आज खरीदारी का सही मौका है? जानें ताजा रेट

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 सितंबर को आपके शहर में बैंक बंद या खुले? चेक करें पूरी लिस्ट

आज 8 सितंबर को सोने के भाव में आई नरमी, क्या खरीदारी का है सही मौका? जानें 22 और 24 कैरेट के ताजा रेट



Click it and Unblock the Notifications
