नई दिल्ली, दिसंबर 24। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार का देर शाम ऑनलाइन खरीदारी के समय मर्चेंट के स्तर पर डेबिट और क्रेडिट कार्ड का ब्योरा दर्ज करने की जगह टोकन व्यवस्था को लागू करने का फैसला 30 जून 2022 तक के लिए टाल दिया है। इस व्यवस्था के तहत अब ऑनलाइन शापिंग के दौरान डेबिट और क्रेडिट कार्ड का जो ब्यौरा दिया जाता है, वह कंपनियां अपने पास नहीं रख पाएंगीं। इसकी जगह पर आरबीआई एक टोकन व्यवस्था तैयार करने जा रहा है। इसके तहत आपके कार्ड की जानकारियां कंपनियां अपने पास नहीं रख पाएंगी। इससे ऑनलाइन फ्राड से बचने में मदद मिलेगी। वैसे यह टोकन व्यवस्था 1 जनवरी 2022 से लागू होने वाली थी।
जानिए क्यों नहीं लागू हो पाई यह व्यवस्था
यह व्यवस्था 1 जनवरी 2022 से ही लागू होनी थी, लेकिन बैंकों और कंपनियों का कहना है कि इसके लिए तकनीक को तैयार करने में समय लग रहा है। ऐसे में टोकन व्यवस्था को लागू करने की तारीख को बढ़ाया जाए। विभिन्न उद्योग संगठनों की इस मांग के बाद आरबीआई ने इसे 6 महीने के लिए टाल दिया है। आरबीआई ने कहा है कि ज्यादातर भुगतान प्रणाली से जुड़े लोगों और भुगतान व्यवस्था में शामिल कंपनियों को यह बताया जाता है कि इस संदर्भ में मिले विभिन्न प्रतिवेदनों पर गौर करते हुए आरबीआई कार्ड ऑन फाइल (सीओएफ) आंकड़ा रखने की समयसीमा 6 महीने यानी 30 जून, 2022 तक बढ़ा रहा है। उसके बाद कार्ड से जुड़े ब्योरे को हटाना होगा।

कहां फर्क पड़ता इस व्यवस्था से
आरबीआई ने बताया है कि टोकन व्यवस्था के अलावा उद्योग इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने वाले आवर्ती (रेकरिंग) व्यवस्था, ईएमआई (मासिक किस्त) विकल्प आदि के लिए वैकल्पिक उपाय अपना सकते हैं। इसके अलावा भुगतान के बाद की गतिविधियों जैसे रिवार्ड/रॉयल्टी कार्यक्रम आदि के लिये अन्य उपाय किए जा सकते हैं। आरबीआई ने सितंबर में विभिन्न इकाइयों को अपने सर्वर पर 1 जनवरी 2022 से ग्राहकों के कार्ड का ब्योरा रखने से मना कर दिया था। इसकी जगह सीओएफ टोकन व्यवस्था अपनाने को अनिवार्य किया था।
इन लोगों ने तारीख बढ़ाने की मांग की थी
उद्योग संगठनों मर्चेंट पेमेंट्स एलायंस ऑफ इंडिया (एमपीएआई) और एलायंस ऑफ डिजिटल इंडिया फाउंडेशन (एडीआईएफ) ने आरबीआई से कार्ड के जरिये लेनदेन के लिए टोकन व्यवस्था से संबंधित मानदंडों के कार्यान्वयन के लिए 31 दिसंबर की समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था। एलायंस ऑफ डिजिटल इंडिया फाउंडेशन डिजिटल स्टार्ट-अप के लिए काम करता है। इसके सदस्यों में पेटीएम, मैट्रिमोनी डॉट कॉम और मैपमाई इंडिया शामिल हैं।
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