मुम्बई। देश में काम करने वाले कॉपरेटिव बैंक आमतौर नियमों का पूरा पालन नहीं करते हैं। यही कारण है कि यह अक्सर संकट में घिरते रहते हैं। फिलहाल आरबीआई ने देश के तीन सहकारी बैंकों पर अपने प्रतिबंध को बढ़ा दिया है। इन प्रतिबंधों के बार यह सहकारी बैंक न तो नया लोन बांट पाएंगे और न ही पुराने लोन का नवीनीकरण कर पाएंगे। वहीं ग्राहक अपने जमा पैसे निकालने का तरह जाएंगे और परेशान होंगे।
आइये जानते हैं कौन से हैं यह 3 बैंक।
पहला बैंक है दि नीड्स ऑफ लाइफ को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सहकारी बैंक ‘दि नीड्स ऑफ लाइफ को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड' पर लागू प्रतिबंधों को और 6 माह के लिये बढ़ा दिया। बैंक पर ये प्रतिबंध अब 31 अक्टूबर तक लागू रहेंगे। आरबीआई ने अक्टूबर 2018 में इस बैंक पर 6 माह के लिये प्रतिबंध लागू किये थे। बैंक पर कोई नया लोन देने और पुराने लोन का नवीनीकरण करने से रोक लगा दी गई। इसके बाद इन प्रतिबंधों को 2 बार बढ़ाया जा चुका है। बैंक को उसकी वित्तीय स्थिति में सुधार होने के साथ प्रतिबंधों के तहत ही बैंकिंग कारोबार करने की अनुमति दी गई है। रिजर्व बैंक ने बैंक से धन निकासी पर भी प्रतिबंध लगाया हुआ है। आरबीआई ने कहा है कि उसके द्वारा 26 अक्टूबर 2018 को जारी किये गये निर्देश बैंक पर और 6 माह (30 अप्रैल 2020 से 31 अक्टूबर 2020) तक लागू रहेंगे।
दूसरा बैंक है मडगांव अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड
वहीं आरबीआई ने जिन बैंकों पर प्रतिबंध बढ़ाया है, उसमें दूसरा नाम मडगांव अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड बैंक का है। आरबीआई के आदेश के अनुसार मडगांव अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मार्गांव, गोवा पर लागू प्रतिबंधों को भी 3 माह के लिए बढ़ाया गया है। अब यह प्रतिबंध 2 अगस्त तक लागू रहेंगे। इस बैंक पर लागू प्रतिबंध 2 मई 2020 को समाप्त हो रहे थे। इनके तहत ग्राहकों के पैसा निकालने पर प्रतिबंध लागू रहेंगे।
तीसरा बैंक है महिला कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड
आरबीआई ने कोलकाता के महिला कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर कैश निकासी और अन्य प्रतिबंधों को 6 माह के लिए बढ़ा दिया है। यह प्रतिबंध 10 जनवरी 2020 से 9 जुलाई 2020 तक प्रभावी रहेंगे। पिछले साल जुलाई में केंद्रीय बैंक ने इस कोऑपरेटिव बैंक पर लोन-एडवांस देने या रिन्यू करने, किसी भी तरह का निवेश, कोई भी लायबिलिटी उठाने, आरबीआई की लिखित अनुमति के बिना नया डिपॉजिट या कोई भुगतान करने पर रोक लगाई थी। आरबीआई ने जमाकर्ताओं को सिर्फ 1,000 रुपये तक की निकासी करने की मंजूरी दी है।


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