India's Very Own Digital Currency की फीचर्स और उद्देश्यों के बारे में बताते हुए 7 अक्टूबर 2022 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) का एक कॉन्सेप्ट नोट जारी किया हैं। इस कॉन्सेप्ट नोट में आरबीआई की तरफ से कहा गया हैं कि जल्द ही आरबीआई विशिष्ट इस्तेमाल के मामलों के लिए ई-रूपी का पायलेट लॉन्च शुरू करेगा। इस कॉन्सेप्ट नोट में देश में सीबीडीसी के जारी करने के उद्देश्य और उसके ऑप्शन और उसके फायदे और जोखिम के बारे में बताया गया हैं।
क्या हैं डिजिटल रुपया
सीबीडीसी को कॉन्सेप्ट नोट के मुताबिक, आरबीआई की तरफ से जारी कानूनी निविदा के रूप में परिभाषित करता हैं। इसमें यह बताया गया हैं कि इसको डिजिटल रुपया या ई-रुपया के रूप में जाना जाता हैं। वर्तमान में जैसे मुद्रा का विनिमय हो रहा हैं उसी प्रकार ये मुद्रा भी विनिमय योग्य होगी।
डिजिटल रूप में पैसे से कैसे अलग हैं डिजिटल रुपया
डिजिटल रूपये और डिजिटल रूप में पैसे के बीच में अंतर को बताता हुए आरबीआई की तरफ से कहा गया हैं कि लोगों के पास जो अभी मौजूदा डिजिटल रूप में पैसे हैं इससे बिलकुल अलग होगा सीबीडीसी। क्योंकि सीबीडीसी में आरबीआई की देनदारी होगी। न की किसी कमर्शियल बैंक की देनदारी होगी।
सीबीडीसी को क्यों पेश कर रहा हैं आरबीआई
रेगुलेटर की तरफ से कहा गया हैं कि सीबीडीसी का मुख्य उद्देश्य पैसे के मौजूदा रूप को बदलना नहीं हैं। बल्कि इसको उसके पूरक करना हैं। यूजर्स के लिए एक एक्स्ट्रा भुगतान एवेन्यू प्रदान करने की कल्पना की गई हैं न की मौजूदा प्रणालियों को बदलने के लिए। आरबीआई का यह भी मानना हैं कि ये जो डिजिटल रूपये प्रणाली हैं। ये देश की डिजिटल रूपये प्रणाली को और मजबूत करेगी। उसके साथ ही वित्तीय समावेशन को बढ़ाएगी। इसके साथ ही भुगतान और मौद्रिक प्रणालियों को और अधिक बेहतर बनाएगी।


Click it and Unblock the Notifications