नई दिल्ली, जुलाई 1। RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक बार फिर क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिक्रिया दी है। गवर्नर दास ने कहा है कि क्रिप्टोकरेंसी स्पष्ट खतरा है जिससे हम सब को सावधान रहना चाहिए। RBI पहले भी कह चुकी है कि क्रिप्टो संपत्ति संपूर्ण वैश्विक वित्तीय संपत्ति का एक छोटा हिस्सा है और इसमें निवेश करना एक अच्छा विकल्प नहीं है। शक्तिकांत दास ने अपनी चेतावनी को दोहराते हुए कहा कि क्रिप्टोकरेंसी वित्तीय स्थिरता के लिए खतरा है।
क्रिप्टो से है खतरा
शक्तिकांत दास की यह चेतावनी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर आरबीआई के एलर्ट श्रृंखला में से एक है। आरबीआई हमेशा से ही क्रिप्टोकरेंसी को वित्तीय प्रणाली में जोखिम के रूप में देखती रही है। शक्तिकांत दास ने कहा, जैसे-जैसे वित्तीय प्रणाली तेजी से डिजिटल होती जा रही है, साइबर जोखिम बढ़ रहे हैं। इसलिए हम सब को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। गवर्नर ने बताया कि क्रिप्टो का कुल आकार वैश्विक वित्तीय परिसंपत्तियों का सिर्फ 0.4% है और विश्व के पारंपरिक वित्तीय प्रणाली के साथ क्रिप्टो का लेन-देन प्रतिबंधित है। गवर्नर से चेताया कि क्रिप्टो संबंधित जोखिम बढ़ने की संभावना है क्योंकि क्रिप्टो और उनके विकास का समर्थन करने वाला पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो रहा है।

क्रिप्टोकरेंसी का मार्केट कैप
वर्तमान में, 528 एक्सचेंजों पर कुल 19,920 क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग के साथ क्रिप्टो का बाजार पूंजीकरण 908.7 बिलियन डॉलर का है। बिटकॉइन अकेली ही मार्केट कैप 44% हिस्सेदारी है। आरबीआई ने कहा, हालांकि क्रिप्टो की डिग्री अब तक सीमित प्रतीत होती है। इसकी वृद्धि विनिमय दरों और पूंजी नियंत्रण पर प्रतिबंधों को रोकती है। क्रिप्टो से घरेलू मौद्रिक नीति प्रभावशीलता होती है, जिससे मौद्रिक संप्रभुता के लिए खतरा पैदा होता है। क्रिप्टो एसेट के मूल्य में स्थिरता नहीं रहती है ऐसे में यह घरेलू बाजार और निवेश के लिए एक उचित विकल्प नहीं है। विश्व में हर देश के पास अपनी रेगुलराइज करेंसी है लेकिन क्रिप्टो के लेन-देन और निवेश के रेगुलेशन के लिए कोई आधिकारिक संस्था नहीं है। इन सभी कारणों से किप्टो एक खतरा है।


Click it and Unblock the Notifications