नई दिल्ली, जूलाई 14। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने महाराष्ट्र के एक और बैंक का लाइसेंस कैंसिल कर दिया है। आरबीआई के अनुसार बस बैक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं थी और कमाई की संभावनाएं भी नहीं के बराबर बची थी। ऐसे में आरबीआई ने इस बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। जैसे ही आरबीआई ने इस बैंक का लाइसेंस रद्द किया है, उसी समय से इस बैंक के साथ सभी तरह के लेनदेन पर रोक प्रभावी हो गई है। इसके बाद अब बैंक के ग्राहक इस बैंक में जमा अपना पैसा निकाल भी नहीं पाएंगे। आखिर ग्राहकों के जमा पैसों का क्या होगा, आइये जानते हैं आगे।
ये है डॉ. शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड
आरबीआई ने जिस बैंक का लाइसेंस कैंसिल किया है उसका नाम है डॉ. शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड। यह बैंक भी महाराष्ट्र का ही है। इससे पहले भी महाराष्ट्र के कई बैंक पर आरबीआई ऐसी ही कार्रवाई कर चुका है। इस तरह के करीब आधा दर्जन बैंक हैं, जिनमें ग्राहकों का जमा पैसा फंसा हुआ है।
आरबीआई ने दिए इस बैंक को बंद करने के आदेश
आरबीआई के अनुसार डॉ. शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड अपने जमाकर्ताओं का पैसा चुकाने में असमर्थ हो सकता है। आरबीआई का अनुमान है कि यह बैंक अपनी अभी की मौजूदा वित्तीय स्थिति में अपनी देनदारी चुकाने की स्थिति में नहीं है। इसे देखते हुए आरबीआई ने महाराष्ट्र सरकार के सहकारिता आयुक्त और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार को बैंक को बंद करने और बैंक के लिए अधिकारी नियुक्त करने का आदेश जारी करने को कहा है।
नियमत नहीं चलाया जा सकता है यह बैंक
आरबीआई ने बताया है कि डॉ शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के पास इस समय अपने को चलाए रखने के लिए कमाई का कोई जरिया नहीं बचा है। यह बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 के प्रावधानों के मुताबिक काम नहीं कर रहा है। ऐसे में आरबीआई का मानना है कि इस बैंक का ग्राहकों के लिए बना रहना उचित नहीं है। अगर इस बैंक को कारोबार जारी रखने की अनुमति दी जाती है, तो इससे बैंक के ग्राहकों पर असर पड़ सकता है।
जानिए कैसे मिलेगा इस बैंक के ग्राहकों का पैसा वापस
देश में एक नियम है कि इन बैंकों को डिपोजिट इंश्योंरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन की तरफ से बीमा प्रदान किया जाता है। इसके तहत इन बैंकों में जमा 5 लाख रुपये तक की गारंटी दी जाती है। ऐसे में अब डॉ. शिवाजीराव पाटिल निलंगेकर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के ग्राहकों को उनका जमा पैसा इसी गारंटी स्कीम के तहत वापस मिलेगा। यहां पर ध्यान रखना चाहिए कि केवल 5 लाख रुपये तक ही जिनका जमा है, वह वापस मिलेगा। अगर किसी खातेदार का जमा पैसा 5 लाख रुपये से ज्यादा है, तो उसे 5 लाख रुपये तक ही वापस मिलेगा। यहां पर 5 लाख रुपये की गणना मूलधन और उसे पर मिले ब्याज को जोड़ कर की जाती है।


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