नई दिल्ली, जून 1। रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक और बैंक का लाइसेंस रद कर दिया है। इस बार आरबीआई ने पुणे के शिवाजीराव भोसले सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। आरबीआई ने कहा है कि इस सहकारी बैंक का चालू रखना उसके जमाकर्ताओं के हित में नहीं है। बैंक की जो वित्तीय स्थिति है, उससे वह वर्तमान जमाकर्ताओं को पूरा भुगतान करने में असमर्थ होगा। ऐसे में सवाल है कि बैंक के जमाकर्ताओं का पैसा वापस कैसे मिलेगा। हालांकि यह तय है कि कई जमाकर्ताओं का पैसा पूरा वापस नहीं हो पाएगा। आरबीआई इससे पहले भी कई बैंकों का लाइसेंस रद कर चुका है।
जानिए बैंक के खाताधारकों के पैसों का क्या होगा
आरबीआई के पुणे के शिवाजीराव भोसले सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द करने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि अब जमाकर्ताओं के पैसों का क्या होगा। इसको लेकर आरबीआई ने साफ किया है कि करीब 98 प्रतिशत खाताधारकों का पैसा पूरा पूरा का वापस मिल जाएगा। हालांकि 2 फीसदी लोगों का पैसा पूरा मिलना कठिन होगा। यह वह जमाकर्ता हैं, जिनका इस बैंक में 5 लाख रुपये से ज्यादा जमा है, या ब्याज मिलाकर हो गया है। जमाकर्ताओं को यह पैसा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) की तरफ से वापस किया जाएगा।
क्या है डीआईसीजीसी
डीआईसीजीसी आरबीआई के अंतर्गत काम करने वाली एक संस्था है। यह देश के ज्यादातर बैंकों को उनकी जमा के एवज में सुरक्षा की गारंटी देती है। इसके तहत अगर बैंक के बंद होने पर अगर जमाकर्ता का पैसा ब्याज मिलाकर 5 लाख रुपये तक है, तो वह पूरा वापस किया जाएगा। वहीं अगर यह मूलधन और ब्याज मिलाकर 5 लाख रुपये से ज्याद है, तो केवल 5 लाख रुपये ही वापस किया जाएगा। बाकी का पैसा डूब जाएगा।
बैंक की वित्तीय हालत काफी खराब
आरबीआई ने बताया है कि इस लाइसेंस रद होने वाले बैंक को चालू रखना अब उसके जमाकर्ताओं के हित में नहीं है। इस बैंक की जो वित्तीय स्थिति है,उससे वह वर्तमान जमाकर्ताओं को पूरा भुगतान करने में समर्थ नहीं है। बैंक का लाइसेंस रद्द करने का आदेश सोमवार को कारोबार समाप्त होने के बाद से लागू माना जाएगा। आरबीआई ने महाराष्ट्र सहकारी समिति पंजीयक से बैंक को बंद करने और परिसमापक नियुक्त करने को लेकर आदेश जारी करने को कहा है।
जानिए किन परिस्थितियों में कैंसिल होता है बैंक लाइसेंस
-जब किसी बैंक के पास पर्याप्त पूंजी न हो और पैसे कमाने की भी संभावना भी न हो
-वह बैंक, बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के तहत जरूरी मानकों को पूरा न करे
-अगर किसी बैंक के कारोबार करने से जमाकर्ता के हितों को नुकसान की आशंका हो
-अगर कोई बैंक अपनी आर्थिक स्थिति की वजह से अपने डिपॉजिटर को पैसे वापस न कर सके
इससे पहले रद हो चुका है इन बैंकों का लाइसेंस
आरबीआई इससे पहले भी कई बैंकों का लाइसेंस रद कर चुका है।
-सुभद्रा लोकल एरिया बैंक, कोल्हापुर
-पश्चिम बंगाल के बगनान में स्थित यूनाइटेड को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड
-महाराष्ट्र के पुणे में मौजूद शिवाजी राव भोसले सहकारी बैंक लिमिटेड
-महाराष्ट्र के उस्मानाबाद में स्थित वसंतदादा नगरी सहकारी बैंक


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