मुम्बई। बैंकों के संचालन में अनियमितता को लेकर आजकल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इस समय सख्त रुख किया हुआ है। यही कारण है वह लगातार बैंकों पर सख्ती कर रहा है। अभी 30 अप्रैल को आरबीआई ने 3 बैंकों पर गाज गिराई थी। वहीं आज एक और पर गाज गिरा दी। आज आरबीआई ने सीकेपी सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। आरबीआई के इस कदम से बैंक के करीब सवा लाख खाताधारक संकट से घिर गए हैं। यही नहीं बैंक की 485 करोड़ रुपये की एफडी का भविष्य भी अंधकार में हो गया है। आरबीआई साल 2014 से ही लगातार इस बैंक पर प्रतिबंध की अवधि को बढ़ा रहा था। इसके पहले 31 मार्च को अवधि बढ़ाकर 31 मई की गई थी। लेकिन आरबीआई ने पाया कि बैंक उचित कदम नहीं उठा रहा है, तो उसने लाइसेंस रद्द कर दिया।
जानकारी के अनुसार सीकेपी सहकारी बैंक की नेटवर्थ काफी कम हो गई थी। यही इसके लाइसेंस रद्द होने की सबसे बड़ी वजह बनी। ऑपरेटिंग मुनाफा होने के बावजूद नेट वर्थ में गिरावट होने के कारण बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया।
पहला बैंक था दि नीड्स ऑफ लाइफ को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सहकारी बैंक ‘दि नीड्स ऑफ लाइफ को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड' पर लागू प्रतिबंधों को और 6 माह के लिये बढ़ा दिया। बैंक पर ये प्रतिबंध अब 31 अक्टूबर तक लागू रहेंगे। आरबीआई ने अक्टूबर 2018 में इस बैंक पर 6 माह के लिये प्रतिबंध लागू किये थे। बैंक पर कोई नया लोन देने और पुराने लोन का नवीनीकरण करने से रोक लगा दी गई। इसके बाद इन प्रतिबंधों को 2 बार बढ़ाया जा चुका है। बैंक को उसकी वित्तीय स्थिति में सुधार होने के साथ प्रतिबंधों के तहत ही बैंकिंग कारोबार करने की अनुमति दी गई है। रिजर्व बैंक ने बैंक से धन निकासी पर भी प्रतिबंध लगाया हुआ है। आरबीआई ने कहा है कि उसके द्वारा 26 अक्टूबर 2018 को जारी किये गये निर्देश बैंक पर और 6 माह (30 अप्रैल 2020 से 31 अक्टूबर 2020) तक लागू रहेंगे।
दूसरा बैंक है मडगांव अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड
वहीं आरबीआई ने जिन बैंकों पर प्रतिबंध बढ़ाया है, उसमें दूसरा नाम मडगांव अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड बैंक का है। आरबीआई के आदेश के अनुसार मडगांव अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, मार्गांव, गोवा पर लागू प्रतिबंधों को भी 3 माह के लिए बढ़ाया गया है। अब यह प्रतिबंध 2 अगस्त तक लागू रहेंगे। इस बैंक पर लागू प्रतिबंध 2 मई 2020 को समाप्त हो रहे थे। इनके तहत ग्राहकों के पैसा निकालने पर प्रतिबंध लागू रहेंगे।
तीसरा बैंक है महिला कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड
आरबीआई ने कोलकाता के महिला कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर कैश निकासी और अन्य प्रतिबंधों को 6 माह के लिए बढ़ा दिया है। यह प्रतिबंध 10 जनवरी 2020 से 9 जुलाई 2020 तक प्रभावी रहेंगे। पिछले साल जुलाई में केंद्रीय बैंक ने इस कोऑपरेटिव बैंक पर लोन-एडवांस देने या रिन्यू करने, किसी भी तरह का निवेश, कोई भी लायबिलिटी उठाने, आरबीआई की लिखित अनुमति के बिना नया डिपॉजिट या कोई भुगतान करने पर रोक लगाई थी। आरबीआई ने जमाकर्ताओं को सिर्फ 1,000 रुपये तक की निकासी करने की मंजूरी दी है।
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