
Banking license of Adoor Co-operative Urban Bank canceled: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लापरवाही के आरोप और जमाधारकों के पैसों की सुरक्षा के लिए एक और बैंक का लाइसेंस रद कर दिया है। इस बार आरबीआई ने केरल स्थित अडूर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद किया है। आरबीआई के इस फैसले से बैंक के नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कारोबार पर असर नहीं पड़ेगा।
आरबीआई ने अपने नोटिफिकेशन में कहा है कि अडूर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक का लाइसेंस रद्द करना 24 अप्रैल, 2023 को कारोबार बंद होने के बाद से लागू हो गया है। आरबीआई ने बताया है कि अडूर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड को बैंकिंग विनियमन अधिनियम के तहत भारत में बैंकिंग कारोबार के लिए 3 जनवरी, 1987 को बैंकिंग लाइसेंस दिया गया था।
लाइसेंस कैंसिल होने के बाद अडूर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक के जमाधारकों के पैसों पर अब आरबीआई का नियम लागू होगा। इसके तहत जिन खाताधारकों में 5 लाख रुपये तक जमा है, उनको पूरा पैसा वापस मिलेगा। वहीं जिनके खातों में 5 लाख रुपये से ज्यादा जमा है, उनको केवल 5 लाख रुपये ही वापस मिलेगा।
यहां पर 5 लाख रुपये तक की जमा का मतलब है कि ब्याज के साथ रकम। अगर किसी ने 4 लाख रुपये तक जमा किया है, और वह रकम ब्याज के साथ 5 लाख रुपये है, तो पूरी वापस मिलेगी। लेकिन अगर 5 लाख रुपये जमा है, और ब्याज के साथ यह रकम 6 लाख रुपये है तो केवल 5 लाख रुपये ही वापस मिलेगा।

आरबीआई ने डिपॉजिटर्स को इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआईसीजीसी) को बनाया हुआ है। यहां से सभी खाताधारकों को 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है। डीआईसीजीसी रिजर्व बैंक की एक सब्सिडियरी है। यह बैंक ग्राहकों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने में मदद करता है।
वहीं आरबीआई ने अलग-अलग मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए 4 सहकारी बैंकों पर जुर्माना भी लगाया है। इन बैंकों में तमिलनाडु स्टेट एपेक्स को-ऑपरेटिव बैंक, बॉम्बे मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक, जनता सहकारी बैंक और बारां नागरिक सहकारी बैंक शामिल हैं। इन बैंकों पर कुल मिलाकर 44 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।


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